وَإِذَا لَقُوا۟ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ قَالُوٓا۟ ءَامَنَّا وَإِذَا خَلَوْا۟ إِلَىٰ شَيَٰطِينِهِمْ قَالُوٓا۟ إِنَّا مَعَكُمْ إِنَّمَا نَحْنُ مُسْتَهْزِءُونَ
क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत
شَيْطَان
प्रतिपक्षी
एक विरोधी: जो दूसरों का विरोध करता है, बाधा डालता है या उन्हें दूर कर देता है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: लेम्मा · प्रयोग: 88
शब्द-मूल: شطن
लेम्मा: شيطان
रूप: شَّيْطَٰنُ · شَّيْطَٰنِ · شَّيْطَٰنَ · شَّيَٰطِينَ · شَّيَٰطِينِ · شَّيَٰطِينُ · شَيْطَٰنٍ · شَيْطَٰنًا · شَيَٰطِينِ · شَيَٰطِينَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 88
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 88। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 78 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
فَأَزَلَّهُمَا ٱلشَّيْطَٰنُ عَنْهَا فَأَخْرَجَهُمَا مِمَّا كَانَا فِيهِ وَقُلْنَا ٱهْبِطُوا۟ بَعْضُكُمْ لِبَعْضٍ عَدُوٌّ وَلَكُمْ فِى ٱلْأَرْضِ مُسْتَقَرٌّ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٍ
وَٱتَّبَعُوا۟ مَا تَتْلُوا۟ ٱلشَّيَٰطِينُ عَلَىٰ مُلْكِ سُلَيْمَٰنَ وَمَا كَفَرَ سُلَيْمَٰنُ وَلَٰكِنَّ ٱلشَّيَٰطِينَ كَفَرُوا۟ يُعَلِّمُونَ ٱلنَّاسَ ٱلسِّحْرَ وَمَآ أُنزِلَ عَلَى ٱلْمَلَكَيْنِ بِبَابِلَ هَٰرُوتَ وَمَٰرُوتَ وَمَا يُعَلِّمَانِ مِنْ أَحَدٍ حَتَّىٰ يَقُولَآ إِنَّمَا نَحْنُ فِتْنَةٌ فَلَا تَكْفُرْ فَيَتَعَلَّمُونَ مِنْهُمَا مَا يُفَرِّقُونَ بِهِۦ بَيْنَ ٱلْمَرْءِ وَزَوْجِهِۦ وَمَا هُم بِضَآرِّينَ بِهِۦ مِنْ أَحَدٍ إِلَّا بِإِذْنِ ٱللَّهِ وَيَتَعَلَّمُونَ مَا يَضُرُّهُمْ وَلَا يَنفَعُهُمْ وَلَقَدْ عَلِمُوا۟ لَمَنِ ٱشْتَرَىٰهُ مَا لَهُۥ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ مِنْ خَلَٰقٍ وَلَبِئْسَ مَا شَرَوْا۟ بِهِۦٓ أَنفُسَهُمْ لَوْ كَانُوا۟ يَعْلَمُونَ
وَٱتَّبَعُوا۟ مَا تَتْلُوا۟ ٱلشَّيَٰطِينُ عَلَىٰ مُلْكِ سُلَيْمَٰنَ وَمَا كَفَرَ سُلَيْمَٰنُ وَلَٰكِنَّ ٱلشَّيَٰطِينَ كَفَرُوا۟ يُعَلِّمُونَ ٱلنَّاسَ ٱلسِّحْرَ وَمَآ أُنزِلَ عَلَى ٱلْمَلَكَيْنِ بِبَابِلَ هَٰرُوتَ وَمَٰرُوتَ وَمَا يُعَلِّمَانِ مِنْ أَحَدٍ حَتَّىٰ يَقُولَآ إِنَّمَا نَحْنُ فِتْنَةٌ فَلَا تَكْفُرْ فَيَتَعَلَّمُونَ مِنْهُمَا مَا يُفَرِّقُونَ بِهِۦ بَيْنَ ٱلْمَرْءِ وَزَوْجِهِۦ وَمَا هُم بِضَآرِّينَ بِهِۦ مِنْ أَحَدٍ إِلَّا بِإِذْنِ ٱللَّهِ وَيَتَعَلَّمُونَ مَا يَضُرُّهُمْ وَلَا يَنفَعُهُمْ وَلَقَدْ عَلِمُوا۟ لَمَنِ ٱشْتَرَىٰهُ مَا لَهُۥ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ مِنْ خَلَٰقٍ وَلَبِئْسَ مَا شَرَوْا۟ بِهِۦٓ أَنفُسَهُمْ لَوْ كَانُوا۟ يَعْلَمُونَ
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ كُلُوا۟ مِمَّا فِى ٱلْأَرْضِ حَلَٰلًا طَيِّبًا وَلَا تَتَّبِعُوا۟ خُطُوَٰتِ ٱلشَّيْطَٰنِ إِنَّهُۥ لَكُمْ عَدُوٌّ مُّبِينٌ
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱدْخُلُوا۟ فِى ٱلسِّلْمِ كَآفَّةً وَلَا تَتَّبِعُوا۟ خُطُوَٰتِ ٱلشَّيْطَٰنِ إِنَّهُۥ لَكُمْ عَدُوٌّ مُّبِينٌ
ٱلشَّيْطَٰنُ يَعِدُكُمُ ٱلْفَقْرَ وَيَأْمُرُكُم بِٱلْفَحْشَآءِ وَٱللَّهُ يَعِدُكُم مَّغْفِرَةً مِّنْهُ وَفَضْلًا وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٌ
ٱلَّذِينَ يَأْكُلُونَ ٱلرِّبَوٰا۟ لَا يَقُومُونَ إِلَّا كَمَا يَقُومُ ٱلَّذِى يَتَخَبَّطُهُ ٱلشَّيْطَٰنُ مِنَ ٱلْمَسِّ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ قَالُوٓا۟ إِنَّمَا ٱلْبَيْعُ مِثْلُ ٱلرِّبَوٰا۟ وَأَحَلَّ ٱللَّهُ ٱلْبَيْعَ وَحَرَّمَ ٱلرِّبَوٰا۟ فَمَن جَآءَهُۥ مَوْعِظَةٌ مِّن رَّبِّهِۦ فَٱنتَهَىٰ فَلَهُۥ مَا سَلَفَ وَأَمْرُهُۥٓ إِلَى ٱللَّهِ وَمَنْ عَادَ فَأُو۟لَٰٓئِكَ أَصْحَٰبُ ٱلنَّارِ هُمْ فِيهَا خَٰلِدُونَ
فَلَمَّا وَضَعَتْهَا قَالَتْ رَبِّ إِنِّى وَضَعْتُهَآ أُنثَىٰ وَٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا وَضَعَتْ وَلَيْسَ ٱلذَّكَرُ كَٱلْأُنثَىٰ وَإِنِّى سَمَّيْتُهَا مَرْيَمَ وَإِنِّىٓ أُعِيذُهَا بِكَ وَذُرِّيَّتَهَا مِنَ ٱلشَّيْطَٰنِ ٱلرَّجِيمِ
إِنَّ ٱلَّذِينَ تَوَلَّوْا۟ مِنكُمْ يَوْمَ ٱلْتَقَى ٱلْجَمْعَانِ إِنَّمَا ٱسْتَزَلَّهُمُ ٱلشَّيْطَٰنُ بِبَعْضِ مَا كَسَبُوا۟ وَلَقَدْ عَفَا ٱللَّهُ عَنْهُمْ إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٌ حَلِيمٌ
विभिन्न धर्मग्रंथों में नामकरण
‘शैतान’ के बजाय ‘विरोधी’ क्यों?
कुरान 6:112 मनुष्यों और जिन्नों में شَيَاطِين की बात करता है। इसलिए यह शब्द किसी विरोधी भूमिका या प्रवृत्ति को नाम देता है, न कि किसी एक नामित सत्ता या एक अलौकिक प्रजाति को। प्राचीनतर इब्रानी धर्मग्रंथ ऐसे व्यक्ति के लिए שָׂטָן का एक अत्यंत तुलनीय प्रयोग सुरक्षित रखते हैं जो विरोध करता, बाधा डालता या आरोप लगाता है।
कुरान की कसौटी पहले आती है। कुरान 6:112 में شَيَاطِينَ ٱلْإِنسِ وَٱلْجِنِّ कहा गया है: मनुष्यों और जिन्नों में विरोधी। इसलिए कोई मनुष्य इस शब्द के अंतर्गत आ सकता है, और बार-बार आने वाला बहुवचन شَيَاطِين विरोधी कर्ताओं की एक श्रेणी की पुष्टि करता है। ‘विरोधी’ उस कार्य को प्रत्यक्ष रखता है; आधुनिक ‘शैतान’ से किसी अलौकिक प्रजाति या किसी एक सत्ता की स्थिर उपाधि का बोध होने लगता है।
इब्रानी तुलना उसी भूमिका-सूचक भाषा को विशेष रूप से स्पष्ट करती है। गिनती 22:22 और 22:32 में, यहोवा का दूत बिलाम के मार्ग में לְשָׂטָן לוֹ के रूप में खड़ा होता है और कहता है कि वह לְשָׂטָן होकर आया: उसके लिए एक विरोधी या बाधा के रूप में। उस दूत को ‘शैतान’ कहना दृश्य का अर्थ उलट देता; यह शब्द बताता है कि दूत वहाँ क्या कर रहा है।
अय्यूब 1 में הַשָּׂטָן, ‘विरोधी’, का बार-बार प्रयोग एक ऐसे चुनौती देने वाले के लिए होता है जिसकी कार्रवाई परमेश्वर द्वारा निर्धारित सीमाओं के भीतर रहती है। इसी प्रकार जकर्याह 3:1 में הַשָּׂטָן को महायाजक के पास לְשִׂטְנוֹ, अर्थात उस पर आरोप लगाने या उसका विरोध करने के लिए, खड़ा दिखाया गया है। इन अनुच्छेदों में यह पद किसी जैविक जाति की पहचान करने के बजाय विरोधी भूमिका या कार्रवाई का वर्णन करता है।
यह धर्मग्रंथों के बीच की एक शब्दगत तुलना है; यह दावा नहीं कि अरबी شيطان सीधे इब्रानी שָׂטָן से उधार लिया गया था या दोनों शब्दों की व्युत्पत्ति एक जैसी है। कुरान का मामला अपने आधार पर कायम है: شَيَاطِين में मनुष्य भी जिन्न की तरह शामिल हो सकते हैं, इसलिए ‘विरोधी’ अधिक पारदर्शी कार्यपरक अनुवाद है।
मूल पाठ के स्रोत
- अय्यूब 1, इब्रानी-अंग्रेज़ी बाइबिल अय्यूब 1:6-12
- गिनती 22, इब्रानी-अंग्रेज़ी बाइबिल गिनती 22:22, 32
- जकर्याह 3, इब्रानी-अंग्रेज़ी बाइबिल जकर्याह 3:1-2
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
शैतान
6:112
وَكَذَٰلِكَ جَعَلْنَا لِكُلِّ نَبِىٍّ عَدُوًّا شَيَٰطِينَ ٱلْإِنسِ وَٱلْجِنِّ يُوحِى بَعْضُهُمْ إِلَىٰ بَعْضٍ زُخْرُفَ ٱلْقَوْلِ غُرُورًا وَلَوْ شَآءَ رَبُّكَ مَا فَعَلُوهُ فَذَرْهُمْ وَمَا يَفْتَرُونَ
वैकल्पिक: मनुष्यों और जिन्नों में शैतान।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: मनुष्यों और जिन्नों में विरोधी।
यह आयत मनुष्यों को भी, जिन्न की तरह, बहुवचन श्रेणी में रखती है। ‘शैतान’ से यह श्रेणी एक अलौकिक प्रजाति जैसी लग सकती है, जबकि ‘विरोधी’ दोनों की साझा विरोधी भूमिका को व्यक्त करता है।