وَلَا تَحْسَبَنَّ ٱللَّهَ غَٰفِلًا عَمَّا يَعْمَلُ ٱلظَّٰلِمُونَ إِنَّمَا يُؤَخِّرُهُمْ لِيَوْمٍ تَشْخَصُ فِيهِ ٱلْأَبْصَٰرُ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
شخص
नज़रूं को गरफ़तार कर लिया
एक बिना पलक झपकाए उठी हुई निगाह सामने आने वाली घटना से कठोर हो गई।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: شخص
लेम्मा: تشخص · شاخصة
रूप: تَشْخَصُ · شَٰخِصَةٌ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
وَٱقْتَرَبَ ٱلْوَعْدُ ٱلْحَقُّ فَإِذَا هِىَ شَٰخِصَةٌ أَبْصَٰرُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يَٰوَيْلَنَا قَدْ كُنَّا فِى غَفْلَةٍ مِّنْ هَٰذَا بَلْ كُنَّا ظَٰلِمِينَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
दोनों लक्ष्य निर्णय के दृष्टिकोण पर व्याकरणिक या विस्थापित विषय के रूप में आंखें लेते हैं। परिमित क्रिया घटना प्रस्तुत करती है, जबकि सक्रिय कृदंत अपना निरंतर परिणाम प्रस्तुत करता है। आतंक की आपूर्ति आसपास के युगांतकारी संदर्भ द्वारा की जाती है; शाब्दिक योगदान निश्चित, उठा हुआ टकटकी है।