क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

بطر

मग़रूर सीमा से अधिक

ताकत या प्रावधान को आत्म-उत्थान का आधार मानने से उत्पन्न अहंकारी अधिकता।

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2

शब्द-मूल: بطر

लेम्मा: بطر · بطرت

रूप: بَطَرًا · بَطِرَتْ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2

क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।

8:47

وَلَا تَكُونُوا۟ كَٱلَّذِينَ خَرَجُوا۟ مِن دِيَٰرِهِم بَطَرًا وَرِئَآءَ ٱلنَّاسِ وَيَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَٱللَّهُ بِمَا يَعْمَلُونَ مُحِيطٌ

28:58

وَكَمْ أَهْلَكْنَا مِن قَرْيَةٍۭ بَطِرَتْ مَعِيشَتَهَا فَتِلْكَ مَسَٰكِنُهُمْ لَمْ تُسْكَن مِّنۢ بَعْدِهِمْ إِلَّا قَلِيلًا وَكُنَّا نَحْنُ ٱلْوَٰرِثِينَ

यह अर्थ क्यों चुना गया

8:47 में अभियोगात्मक संज्ञा सार्वजनिक प्रदर्शन के साथ बाहर जाने के सेना के अहंकारी तरीके का वर्णन करती है। 28:58 में फॉर्म I बाद में नष्ट हो गई बस्ती की प्रचुर आजीविका के लिए एक ही भ्रष्ट प्रतिक्रिया का अनुमान लगाता है। एक घटना सैन्य आत्मविश्वास को आगे बढ़ाती है और दूसरी समृद्ध सहजता, लेकिन दोनों लाभ को धृष्टता में बदल देते हैं।