क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत

ٱتَّقَى / يَتَّقِي

हूशीार रहू

وقي से फॉर्म VIII क्रिया: स्वयं को सुरक्षित रखना।

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: लेम्मा · प्रयोग: 166

शब्द-मूल: وقي

लेम्मा: اتقى

रूप: ٱتَّقُ · تَتَّقُ · ٱتَّقَ · يَتَّقُ · ٱتَّقَىٰ · يَتَّقِ · ٱتَّقِ · يَتَّقْ · ٱتَّقَيْ · ٱتَّقِي · يَتَّقِى · ٱتَّقَىٰٓ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 166

क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 166। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 156 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।

2:21

يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ ٱعْبُدُوا۟ رَبَّكُمُ ٱلَّذِى خَلَقَكُمْ وَٱلَّذِينَ مِن قَبْلِكُمْ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ

2:24

فَإِن لَّمْ تَفْعَلُوا۟ وَلَن تَفْعَلُوا۟ فَٱتَّقُوا۟ ٱلنَّارَ ٱلَّتِى وَقُودُهَا ٱلنَّاسُ وَٱلْحِجَارَةُ أُعِدَّتْ لِلْكَٰفِرِينَ

2:41

وَءَامِنُوا۟ بِمَآ أَنزَلْتُ مُصَدِّقًا لِّمَا مَعَكُمْ وَلَا تَكُونُوٓا۟ أَوَّلَ كَافِرٍۭ بِهِۦ وَلَا تَشْتَرُوا۟ بِـَٔايَٰتِى ثَمَنًا قَلِيلًا وَإِيَّٰىَ فَٱتَّقُونِ

2:48

وَٱتَّقُوا۟ يَوْمًا لَّا تَجْزِى نَفْسٌ عَن نَّفْسٍ شَيْـًٔا وَلَا يُقْبَلُ مِنْهَا شَفَٰعَةٌ وَلَا يُؤْخَذُ مِنْهَا عَدْلٌ وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ

2:63

وَإِذْ أَخَذْنَا مِيثَٰقَكُمْ وَرَفَعْنَا فَوْقَكُمُ ٱلطُّورَ خُذُوا۟ مَآ ءَاتَيْنَٰكُم بِقُوَّةٍ وَٱذْكُرُوا۟ مَا فِيهِ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ

2:103

وَلَوْ أَنَّهُمْ ءَامَنُوا۟ وَٱتَّقَوْا۟ لَمَثُوبَةٌ مِّنْ عِندِ ٱللَّهِ خَيْرٌ لَّوْ كَانُوا۟ يَعْلَمُونَ

2:123

وَٱتَّقُوا۟ يَوْمًا لَّا تَجْزِى نَفْسٌ عَن نَّفْسٍ شَيْـًٔا وَلَا يُقْبَلُ مِنْهَا عَدْلٌ وَلَا تَنفَعُهَا شَفَٰعَةٌ وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ

2:179

وَلَكُمْ فِى ٱلْقِصَاصِ حَيَوٰةٌ يَٰٓأُو۟لِى ٱلْأَلْبَٰبِ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ

2:183

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ كُتِبَ عَلَيْكُمُ ٱلصِّيَامُ كَمَا كُتِبَ عَلَى ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِكُمْ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ

2:187

أُحِلَّ لَكُمْ لَيْلَةَ ٱلصِّيَامِ ٱلرَّفَثُ إِلَىٰ نِسَآئِكُمْ هُنَّ لِبَاسٌ لَّكُمْ وَأَنتُمْ لِبَاسٌ لَّهُنَّ عَلِمَ ٱللَّهُ أَنَّكُمْ كُنتُمْ تَخْتَانُونَ أَنفُسَكُمْ فَتَابَ عَلَيْكُمْ وَعَفَا عَنكُمْ فَٱلْـَٰٔنَ بَٰشِرُوهُنَّ وَٱبْتَغُوا۟ مَا كَتَبَ ٱللَّهُ لَكُمْ وَكُلُوا۟ وَٱشْرَبُوا۟ حَتَّىٰ يَتَبَيَّنَ لَكُمُ ٱلْخَيْطُ ٱلْأَبْيَضُ مِنَ ٱلْخَيْطِ ٱلْأَسْوَدِ مِنَ ٱلْفَجْرِ ثُمَّ أَتِمُّوا۟ ٱلصِّيَامَ إِلَى ٱلَّيْلِ وَلَا تُبَٰشِرُوهُنَّ وَأَنتُمْ عَٰكِفُونَ فِى ٱلْمَسَٰجِدِ تِلْكَ حُدُودُ ٱللَّهِ فَلَا تَقْرَبُوهَا كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ ءَايَٰتِهِۦ لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمْ يَتَّقُونَ

जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं

भय

2:201

وَمِنْهُم مَّن يَقُولُ رَبَّنَآ ءَاتِنَا فِى ٱلدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِى ٱلْـَٔاخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ ٱلنَّارِ

वैकल्पिक: और हमें अग्नि के दंड से डराइए।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: और अग्नि के दंड से हमारी रक्षा कीजिए।

यह प्रार्थना एक बताई गई हानि से संरक्षण माँगती है। इस वाक्य-रचना में ‘भय करना’ ‘हमें’ को संरक्षित कर्म-पद के रूप में ग्रहण नहीं कर सकता; ‘रक्षा करना’ ऐसा कर सकता है।

तक़ूीा

2:201

وَمِنْهُم مَّن يَقُولُ رَبَّنَآ ءَاتِنَا فِى ٱلدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِى ٱلْـَٔاخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ ٱلنَّارِ

वैकल्पिक: हमें आग की सजा से पवित्र बनाओ।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: रक्षा करना हमें से दंड का अग्नि.

अनुरोध है के लिए परोतेकशन से दंड. 'बनाना हम मतक़ी से' कअननोत ले जाना क्रिया'स परोतेकतिवे संबंध को एक कहा गया दअङर, जबकि 'गारड हम से' करता है इसलिए सीधे.

भय

13:34

لَّهُمْ عَذَابٌ فِى ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَلَعَذَابُ ٱلْـَٔاخِرَةِ أَشَقُّ وَمَا لَهُم مِّنَ ٱللَّهِ مِن وَاقٍ

वैकल्पिक: और उनके पास ईश्वर के विरुद्ध कोई डरने वाला नहीं है।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: और उनके पास ईश्वर के विरुद्ध कोई रक्षक नहीं है।

وَاقٍ वह कर्तृवाचक कृदंत है जो ईश्वर की ओर से आने वाली चीज़ को टाल सकता है। ‘डरने वाला’ किसी भावना का अनुभव करने वाले को दर्शाता है, किसी रक्षा करने वाले कर्ता को नहीं।

भय

16:81

وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّمَّا خَلَقَ ظِلَٰلًا وَجَعَلَ لَكُم مِّنَ ٱلْجِبَالِ أَكْنَٰنًا وَجَعَلَ لَكُمْ سَرَٰبِيلَ تَقِيكُمُ ٱلْحَرَّ وَسَرَٰبِيلَ تَقِيكُم بَأْسَكُمْ كَذَٰلِكَ يُتِمُّ نِعْمَتَهُۥ عَلَيْكُمْ لَعَلَّكُمْ تُسْلِمُونَ

वैकल्पिक: परिधान जो आपको गर्मी से डरते हैं, और वस्त्र जो आपको आपकी हिंसा से डरते हैं।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: वस्त्र जो तुम्हें गर्मी से बचाते हैं, और वस्त्र जो तुम्हें तुम्हारी हिंसा से बचाते हैं।

वस्त्र अपने पहनने वालों को शारीरिक रूप से बचाते हैं; वे उनकी ओर से भय का अनुभव नहीं करते। यह ठोस प्रयोग وقي को रक्षा करने के अर्थ में स्थापित करता है।

तक़ूीा

16:81

وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّمَّا خَلَقَ ظِلَٰلًا وَجَعَلَ لَكُم مِّنَ ٱلْجِبَالِ أَكْنَٰنًا وَجَعَلَ لَكُمْ سَرَٰبِيلَ تَقِيكُمُ ٱلْحَرَّ وَسَرَٰبِيلَ تَقِيكُم بَأْسَكُمْ كَذَٰلِكَ يُتِمُّ نِعْمَتَهُۥ عَلَيْكُمْ لَعَلَّكُمْ تُسْلِمُونَ

वैकल्पिक: वस्त्र जो तुम्हें गर्मी से पवित्र बनाते हैं, और वस्त्र जो तुम्हें तुम्हारी हिंसा से पवित्र बनाते हैं।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: वस्त्र जो तुम्हें गर्मी से बचाते हैं, और वस्त्र जो तुम्हें तुम्हारी हिंसा से बचाते हैं।

कपड़े भौतिक रूप से शीलद से ऊष्मा और विोलेनके; वे करना नहीं बनाना उनका वीरर मतक़ी से या तो दअङर. कोनकरेते परोतेकतिवे फुनकशन ेक्सपोसेस मिसमअतच.

भय

39:24

أَفَمَن يَتَّقِى بِوَجْهِهِۦ سُوٓءَ ٱلْعَذَابِ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ وَقِيلَ لِلظَّٰلِمِينَ ذُوقُوا۟ مَا كُنتُمْ تَكْسِبُونَ

वैकल्पिक: है एक जो फेअर्स के साथ उसका मुख वह बुराई दंड पर वह उठाए जाने का दिन...

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: है एक जो गुअर्द्स के साथ उसका मुख विरुद्ध वह बुराई दंड पर वह उठाए जाने का दिन...

चेहरा दंड को टालने के लिए सामने रखा गया अनावृत साधन है। ‘अपने चेहरे से डरना’ शरीर से ढाल बनाने की उस क्रिया को व्यक्त नहीं कर सकता।

तक़ूीा

39:24

أَفَمَن يَتَّقِى بِوَجْهِهِۦ سُوٓءَ ٱلْعَذَابِ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ وَقِيلَ لِلظَّٰلِمِينَ ذُوقُوا۟ مَا كُنتُمْ تَكْسِبُونَ

वैकल्पिक: क्या वह व्यक्ति है जो क़यामत के दिन बुरे अज़ाब के ख़िलाफ़ अपने चेहरे पर पवित्र है...

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: है एक जो गुअर्द्स के साथ उसका मुख विरुद्ध वह बुराई दंड पर वह उठाए जाने का दिन...

चेहरा है बे नक़ाब अर्थ है का वारदिङ ोफफ दंड. 'मतक़ी के साथ उसका चेहरा के विरुद्ध' कअननोत ेक्सपरेसस कि ेमबोदीद शीलदिङ क्रिया.

भय

40:9

وَقِهِمُ ٱلسَّيِّـَٔاتِ وَمَن تَقِ ٱلسَّيِّـَٔاتِ يَوْمَئِذٍ فَقَدْ رَحِمْتَهُۥ وَذَٰلِكَ هُوَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ

वैकल्पिक: और उन्हें बुरे कर्मों से डराइए; उस दिन जिसे आप बुरे कर्मों से डराएँगे, उस पर आपने दया की है।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: और उन्हें बुरे कर्मों से बचाइए; उस दिन जिसे आप बुरे कर्मों से बचाएँगे, उस पर आपने दया की है।

दोहराई गई क्रिया बुरे कर्मों और उनके परिणाम से बचाए जाने को दया के रूप में पहचानती है। ‘डरना’ संरक्षित लोगों को अपने कर्म के रूप में ग्रहण नहीं कर सकता और न ही उस परिरक्षण को व्यक्त कर सकता है।

भय

59:9

وَٱلَّذِينَ تَبَوَّءُو ٱلدَّارَ وَٱلْإِيمَٰنَ مِن قَبْلِهِمْ يُحِبُّونَ مَنْ هَاجَرَ إِلَيْهِمْ وَلَا يَجِدُونَ فِى صُدُورِهِمْ حَاجَةً مِّمَّآ أُوتُوا۟ وَيُؤْثِرُونَ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمْ وَلَوْ كَانَ بِهِمْ خَصَاصَةٌ وَمَن يُوقَ شُحَّ نَفْسِهِۦ فَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُفْلِحُونَ

वैकल्पिक: जिस किसी को उसकी अपनी कंजूसी से डराया जाता है, वही लोग सफल हैं।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: जिस किसी को उसकी अपनी कंजूसी से बचाया जाता है, वही लोग सफल हैं।

कर्मवाच्य रूप किसी व्यक्ति को भीतर के एक खतरे से संरक्षित किए जाने के रूप में प्रस्तुत करता है। कंजूसी से डराया जाना एक भावात्मक अवस्था है, उसके नियंत्रण से बचाया जाना नहीं।

भय

66:6

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ قُوٓا۟ أَنفُسَكُمْ وَأَهْلِيكُمْ نَارًا وَقُودُهَا ٱلنَّاسُ وَٱلْحِجَارَةُ عَلَيْهَا مَلَٰٓئِكَةٌ غِلَاظٌ شِدَادٌ لَّا يَعْصُونَ ٱللَّهَ مَآ أَمَرَهُمْ وَيَفْعَلُونَ مَا يُؤْمَرُونَ

वैकल्पिक: अपने आप को और अपने परिवार को आग से डरें।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: अपनी और अपने परिवार की आग से रक्षा करें।

तुम स्वयं और तुम्हारे परिवार वे कर्म-पद हैं जिन्हें अग्नि से संरक्षण के अधीन रखा गया है। ‘डरना’ उन कर्म-पदों को किसी खतरे से बचाने का अर्थ व्यक्त नहीं कर सकता।

तक़ूीा

66:6

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ قُوٓا۟ أَنفُسَكُمْ وَأَهْلِيكُمْ نَارًا وَقُودُهَا ٱلنَّاسُ وَٱلْحِجَارَةُ عَلَيْهَا مَلَٰٓئِكَةٌ غِلَاظٌ شِدَادٌ لَّا يَعْصُونَ ٱللَّهَ مَآ أَمَرَهُمْ وَيَفْعَلُونَ مَا يُؤْمَرُونَ

वैकल्पिक: अपने आप को और अपने परिवार को आग से पवित्र बनाओ।

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: अपनी और अपने परिवार की आग से रक्षा करें।

आदेश रखता है याउरसेलवेस और फअमिलीस के अधीन परोतेकशन से एक नामित दअङर. 'बनाना मतक़ी से' करता है नहीं सुरक्षित रखना कि कर्म-और-थरीत रचना.

भय

73:17

فَكَيْفَ تَتَّقُونَ إِن كَفَرْتُمْ يَوْمًا يَجْعَلُ ٱلْوِلْدَٰنَ شِيبًا

वैकल्पिक: फिर यदि तुम इनकार करते हो, तो उस दिन से कैसे डरोगे जो बच्चों के बाल सफेद कर देता है?

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: फिर यदि तुम इनकार करते हो, तो उस दिन से अपनी रक्षा कैसे करोगे जो बच्चों के बाल सफेद कर देता है?

प्रश्न पूछता है कि इनकार करने वाले उस दिन से अपनी रक्षा कैसे कर सकते हैं। ‘डरना’ व्यावहारिक كيف प्रश्न को घटाकर एक भावना बना देता है; ‘अपनी रक्षा करना’ रूप VIII की संरक्षणकारी क्रिया और उसके खतरे को बनाए रखता है।