كَيْفَ وَإِن يَظْهَرُوا۟ عَلَيْكُمْ لَا يَرْقُبُوا۟ فِيكُمْ إِلًّا وَلَا ذِمَّةً يُرْضُونَكُم بِأَفْوَٰهِهِمْ وَتَأْبَىٰ قُلُوبُهُمْ وَأَكْثَرُهُمْ فَٰسِقُونَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
ألل
पाबनद टाइी
एक बाध्यकारी व्यक्तिगत बंधन वह कोम्मन्द्स् आदर.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: ألل
लेम्मा: إل
रूप: إِلًّا
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
لَا يَرْقُبُونَ فِى مُؤْمِنٍ إِلًّا وَلَا ذِمَّةً وَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُعْتَدُونَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
दो संज्ञा घटनाएं तीन अयाह के भीतर एक ही निर्माण को दोहराती हैं: शत्रुतापूर्ण विरोधी न तो इस बंधन का पालन करते हैं और न ही विश्वासियों के प्रति एक प्रतिज्ञा दायित्व का पालन करते हैं। कुरान-आंतरिक साक्ष्य एक संकीर्ण विरासत में मिली श्रेणी को निर्दिष्ट किए बिना, ذمةके साथ जोड़े जाने के लिए पर्याप्त रूप से एक सम्मान-कमांडिंग बंधन स्थापित करता है।