مَا كَانَ لِأَهْلِ ٱلْمَدِينَةِ وَمَنْ حَوْلَهُم مِّنَ ٱلْأَعْرَابِ أَن يَتَخَلَّفُوا۟ عَن رَّسُولِ ٱللَّهِ وَلَا يَرْغَبُوا۟ بِأَنفُسِهِمْ عَن نَّفْسِهِۦ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ لَا يُصِيبُهُمْ ظَمَأٌ وَلَا نَصَبٌ وَلَا مَخْمَصَةٌ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ وَلَا يَطَـُٔونَ مَوْطِئًا يَغِيظُ ٱلْكُفَّارَ وَلَا يَنَالُونَ مِنْ عَدُوٍّ نَّيْلًا إِلَّا كُتِبَ لَهُم بِهِۦ عَمَلٌ صَٰلِحٌ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجْرَ ٱلْمُحْسِنِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
ظَمَأ، ظَمِئ، ظَمْآن
जसमानी पानी की आवश्यकता है
एक जीवित अनुभवकर्ता के पास पानी की एक अधूरी शारीरिक आवश्यकता होती है जो पानी की तलाश को प्रेरित कर सकती है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: ظمأ
लेम्मा: ظمأ · تظمؤا · ظمآن
रूप: ظَمَأٌ · تَظْمَؤُا۟ · ظَّمْـَٔانُ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
وَأَنَّكَ لَا تَظْمَؤُا۟ فِيهَا وَلَا تَضْحَىٰ
وَٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ أَعْمَٰلُهُمْ كَسَرَابٍۭ بِقِيعَةٍ يَحْسَبُهُ ٱلظَّمْـَٔانُ مَآءً حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءَهُۥ لَمْ يَجِدْهُ شَيْـًٔا وَوَجَدَ ٱللَّهَ عِندَهُۥ فَوَفَّىٰهُ حِسَابَهُۥ وَٱللَّهُ سَرِيعُ ٱلْحِسَابِ
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
भूख
9:120
مَا كَانَ لِأَهْلِ ٱلْمَدِينَةِ وَمَنْ حَوْلَهُم مِّنَ ٱلْأَعْرَابِ أَن يَتَخَلَّفُوا۟ عَن رَّسُولِ ٱللَّهِ وَلَا يَرْغَبُوا۟ بِأَنفُسِهِمْ عَن نَّفْسِهِۦ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ لَا يُصِيبُهُمْ ظَمَأٌ وَلَا نَصَبٌ وَلَا مَخْمَصَةٌ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ وَلَا يَطَـُٔونَ مَوْطِئًا يَغِيظُ ٱلْكُفَّارَ وَلَا يَنَالُونَ مِنْ عَدُوٍّ نَّيْلًا إِلَّا كُتِبَ لَهُم بِهِۦ عَمَلٌ صَٰلِحٌ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجْرَ ٱلْمُحْسِنِينَ
वैकल्पिक: कोई नहीं भूख नोर् थकान नोर् भूख अफ़्फ़ेक्त्स् उन्हें
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: कोई नहीं प्यास नोर् थकान नोर् भूख अफ़्फ़ेक्त्स् उन्हें
आयत कूरदिनअतेस प्यास और भूख के रूप में अलग हारदशिपस, इसलिए कोललअपसिङ उन्हें देसतरोयस ेक्सपलिकित विरोध.
होना एक्स्पोसेद् करना सूर्य
20:119
وَأَنَّكَ لَا تَظْمَؤُا۟ فِيهَا وَلَا تَضْحَىٰ
वैकल्पिक: तुम होगा नहीं होना अनावृत को वह सुन थेरे और होगा नहीं होना अनावृत को वह सुन
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: वहां आपको प्यास नहीं लगेगी और धूप नहीं लगेगी
वह दो कोओर्दिनातेद विधेय करता है सेपारातेल्य नेगाते जल नेएद और सोलार एक्स्पोसुरे.
संतुष्ट व्यक्ति
24:39
وَٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ أَعْمَٰلُهُمْ كَسَرَابٍۭ بِقِيعَةٍ يَحْسَبُهُ ٱلظَّمْـَٔانُ مَآءً حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءَهُۥ لَمْ يَجِدْهُ شَيْـًٔا وَوَجَدَ ٱللَّهَ عِندَهُۥ فَوَفَّىٰهُ حِسَابَهُۥ وَٱللَّهُ سَرِيعُ ٱلْحِسَابِ
वैकल्पिक: वह वातेर-सातिस्फिएद व्यक्ति थिन्क्स वह मिरागे है जल और अप्प्रोअचेस यह
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: प्यासा व्यक्ति मृगतृष्णा को पानी समझकर उसके पास जाता है
मृगतृष्णा को पानी समझना और उसके पास जाना पानी की अपूरित, अतृप्त आवश्यकता से प्रेरित है।