يَوْمَ تَجِدُ كُلُّ نَفْسٍ مَّا عَمِلَتْ مِنْ خَيْرٍ مُّحْضَرًا وَمَا عَمِلَتْ مِن سُوٓءٍ تَوَدُّ لَوْ أَنَّ بَيْنَهَا وَبَيْنَهُۥٓ أَمَدًۢا بَعِيدًا وَيُحَذِّرُكُمُ ٱللَّهُ نَفْسَهُۥ وَٱللَّهُ رَءُوفٌۢ بِٱلْعِبَادِ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
أمد
पाबनद सीमा
अंत-बिंदु-सीमित एक्स्तेन्सिओन मेअसुरेद के रूप में समय या कोन्केप्तुअल दिस्तान्के.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 4
शब्द-मूल: أمد
लेम्मा: أمد
रूप: أَمَدًا · أَمَدًۢا · أَمَدُ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 4; कुल संख्या: 4
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 4।
ثُمَّ بَعَثْنَٰهُمْ لِنَعْلَمَ أَىُّ ٱلْحِزْبَيْنِ أَحْصَىٰ لِمَا لَبِثُوٓا۟ أَمَدًا
أَلَمْ يَأْنِ لِلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ أَن تَخْشَعَ قُلُوبُهُمْ لِذِكْرِ ٱللَّهِ وَمَا نَزَلَ مِنَ ٱلْحَقِّ وَلَا يَكُونُوا۟ كَٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَٰبَ مِن قَبْلُ فَطَالَ عَلَيْهِمُ ٱلْأَمَدُ فَقَسَتْ قُلُوبُهُمْ وَكَثِيرٌ مِّنْهُمْ فَٰسِقُونَ
قُلْ إِنْ أَدْرِىٓ أَقَرِيبٌ مَّا تُوعَدُونَ أَمْ يَجْعَلُ لَهُۥ رَبِّىٓ أَمَدًا
यह अर्थ क्यों चुना गया
तीन लक्ष्य बीते हुए या भविष्य के समय को मापते हैं या चिह्नित करते हैं। 3:30 निर्माण एक व्यक्ति और न्याय के दिन सामना किए गए बुरे काम के बीच एक बहुत दूर की दूरी तय करता है, अलगाव को स्थानिक बनाता है। अस्थायी अवधि और आलंकारिक दूरी एक ही समापन बिंदु-उन्मुख सीमा को संरक्षित करती है।