مَا عِندَكُمْ يَنفَدُ وَمَا عِندَ ٱللَّهِ بَاقٍ وَلَنَجْزِيَنَّ ٱلَّذِينَ صَبَرُوٓا۟ أَجْرَهُم بِأَحْسَنِ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
نفد
पूर्ण एक्स्हउस्तिओन्
पूर्ण देप्लेतिओन का एक उपलब्ध सुप्प्ल्य जब तक यह नहीं लोङेर बना रहता है.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 5
शब्द-मूल: نفد
लेम्मा: نفد · نفاد
रूप: يَنفَدُ · نَفِدَ · تَنفَدَ · نَفِدَتْ · نَّفَادٍ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 5; कुल संख्या: 5
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 5।
قُل لَّوْ كَانَ ٱلْبَحْرُ مِدَادًا لِّكَلِمَٰتِ رَبِّى لَنَفِدَ ٱلْبَحْرُ قَبْلَ أَن تَنفَدَ كَلِمَٰتُ رَبِّى وَلَوْ جِئْنَا بِمِثْلِهِۦ مَدَدًا
قُل لَّوْ كَانَ ٱلْبَحْرُ مِدَادًا لِّكَلِمَٰتِ رَبِّى لَنَفِدَ ٱلْبَحْرُ قَبْلَ أَن تَنفَدَ كَلِمَٰتُ رَبِّى وَلَوْ جِئْنَا بِمِثْلِهِۦ مَدَدًا
وَلَوْ أَنَّمَا فِى ٱلْأَرْضِ مِن شَجَرَةٍ أَقْلَٰمٌ وَٱلْبَحْرُ يَمُدُّهُۥ مِنۢ بَعْدِهِۦ سَبْعَةُ أَبْحُرٍ مَّا نَفِدَتْ كَلِمَٰتُ ٱللَّهِ إِنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ
إِنَّ هَٰذَا لَرِزْقُنَا مَا لَهُۥ مِن نَّفَادٍ
यह अर्थ क्यों चुना गया
मनुष्य के पास जो कुछ है वह ख़त्म हो जाता है जबकि जो ईश्वर के पास है वह बना रहता है। स्याही के रूप में कल्पना किया गया समुद्र भगवान के शब्दों से पहले समाप्त हो जाएगा, और यहां तक कि कई समुद्र भी उन शब्दों को समाप्त नहीं कर पाएंगे। उद्यान प्रावधान को तदनुसार वर्णित किया गया है जिसमें कोई थकावट नहीं है। काल, लिंग सहमति, ध्रुवीयता, और अमूर्त संज्ञा एक कमी समापन बिंदु को संरक्षित करते हैं।