فَلَمَّا ٱسْتَيْـَٔسُوا۟ مِنْهُ خَلَصُوا۟ نَجِيًّا قَالَ كَبِيرُهُمْ أَلَمْ تَعْلَمُوٓا۟ أَنَّ أَبَاكُمْ قَدْ أَخَذَ عَلَيْكُم مَّوْثِقًا مِّنَ ٱللَّهِ وَمِن قَبْلُ مَا فَرَّطتُمْ فِى يُوسُفَ فَلَنْ أَبْرَحَ ٱلْأَرْضَ حَتَّىٰ يَأْذَنَ لِىٓ أَبِىٓ أَوْ يَحْكُمَ ٱللَّهُ لِى وَهُوَ خَيْرُ ٱلْحَٰكِمِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
نجي
विश्वस्त
गोपनीय संवाद के लिए निकट लाया और अलग किया गया व्यक्ति या छोटा घनिष्ठ समूह।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: نجو
लेम्मा: نجي
रूप: نَجِيًّا
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
وَنَٰدَيْنَٰهُ مِن جَانِبِ ٱلطُّورِ ٱلْأَيْمَنِ وَقَرَّبْنَٰهُ نَجِيًّا
यह अर्थ क्यों चुना गया
यह संज्ञा किसी गोपनीय सहभागी या छोटे घनिष्ठ समूह को प्रमुखता देती है।