क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत

حِين، حِينَئِذ

समय

अपनी रचना द्वारा पहचाना या सीमाबद्ध किया गया कोई काल-बिंदु या काल-विस्तार।

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 35

शब्द-मूल: حين

लेम्मा: حين

रूप: حِينَ · حِينٍ · حِينٍۭ · حِينِ · حِينَئِذٍ · حِينٌ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 35

क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 35। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 25 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।

2:36

فَأَزَلَّهُمَا ٱلشَّيْطَٰنُ عَنْهَا فَأَخْرَجَهُمَا مِمَّا كَانَا فِيهِ وَقُلْنَا ٱهْبِطُوا۟ بَعْضُكُمْ لِبَعْضٍ عَدُوٌّ وَلَكُمْ فِى ٱلْأَرْضِ مُسْتَقَرٌّ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٍ

2:177

لَّيْسَ ٱلْبِرَّ أَن تُوَلُّوا۟ وُجُوهَكُمْ قِبَلَ ٱلْمَشْرِقِ وَٱلْمَغْرِبِ وَلَٰكِنَّ ٱلْبِرَّ مَنْ ءَامَنَ بِٱللَّهِ وَٱلْيَوْمِ ٱلْـَٔاخِرِ وَٱلْمَلَٰٓئِكَةِ وَٱلْكِتَٰبِ وَٱلنَّبِيِّـۧنَ وَءَاتَى ٱلْمَالَ عَلَىٰ حُبِّهِۦ ذَوِى ٱلْقُرْبَىٰ وَٱلْيَتَٰمَىٰ وَٱلْمَسَٰكِينَ وَٱبْنَ ٱلسَّبِيلِ وَٱلسَّآئِلِينَ وَفِى ٱلرِّقَابِ وَأَقَامَ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتَى ٱلزَّكَوٰةَ وَٱلْمُوفُونَ بِعَهْدِهِمْ إِذَا عَٰهَدُوا۟ وَٱلصَّٰبِرِينَ فِى ٱلْبَأْسَآءِ وَٱلضَّرَّآءِ وَحِينَ ٱلْبَأْسِ أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ صَدَقُوا۟ وَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُتَّقُونَ

5:101

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَسْـَٔلُوا۟ عَنْ أَشْيَآءَ إِن تُبْدَ لَكُمْ تَسُؤْكُمْ وَإِن تَسْـَٔلُوا۟ عَنْهَا حِينَ يُنَزَّلُ ٱلْقُرْءَانُ تُبْدَ لَكُمْ عَفَا ٱللَّهُ عَنْهَا وَٱللَّهُ غَفُورٌ حَلِيمٌ

5:106

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ شَهَٰدَةُ بَيْنِكُمْ إِذَا حَضَرَ أَحَدَكُمُ ٱلْمَوْتُ حِينَ ٱلْوَصِيَّةِ ٱثْنَانِ ذَوَا عَدْلٍ مِّنكُمْ أَوْ ءَاخَرَانِ مِنْ غَيْرِكُمْ إِنْ أَنتُمْ ضَرَبْتُمْ فِى ٱلْأَرْضِ فَأَصَٰبَتْكُم مُّصِيبَةُ ٱلْمَوْتِ تَحْبِسُونَهُمَا مِنۢ بَعْدِ ٱلصَّلَوٰةِ فَيُقْسِمَانِ بِٱللَّهِ إِنِ ٱرْتَبْتُمْ لَا نَشْتَرِى بِهِۦ ثَمَنًا وَلَوْ كَانَ ذَا قُرْبَىٰ وَلَا نَكْتُمُ شَهَٰدَةَ ٱللَّهِ إِنَّآ إِذًا لَّمِنَ ٱلْـَٔاثِمِينَ

7:24

قَالَ ٱهْبِطُوا۟ بَعْضُكُمْ لِبَعْضٍ عَدُوٌّ وَلَكُمْ فِى ٱلْأَرْضِ مُسْتَقَرٌّ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٍ

10:98

فَلَوْلَا كَانَتْ قَرْيَةٌ ءَامَنَتْ فَنَفَعَهَآ إِيمَٰنُهَآ إِلَّا قَوْمَ يُونُسَ لَمَّآ ءَامَنُوا۟ كَشَفْنَا عَنْهُمْ عَذَابَ ٱلْخِزْىِ فِى ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَمَتَّعْنَٰهُمْ إِلَىٰ حِينٍ

11:5

أَلَآ إِنَّهُمْ يَثْنُونَ صُدُورَهُمْ لِيَسْتَخْفُوا۟ مِنْهُ أَلَا حِينَ يَسْتَغْشُونَ ثِيَابَهُمْ يَعْلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعْلِنُونَ إِنَّهُۥ عَلِيمٌۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ

12:35

ثُمَّ بَدَا لَهُم مِّنۢ بَعْدِ مَا رَأَوُا۟ ٱلْـَٔايَٰتِ لَيَسْجُنُنَّهُۥ حَتَّىٰ حِينٍ

14:25

تُؤْتِىٓ أُكُلَهَا كُلَّ حِينٍۭ بِإِذْنِ رَبِّهَا وَيَضْرِبُ ٱللَّهُ ٱلْأَمْثَالَ لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمْ يَتَذَكَّرُونَ

16:6

وَلَكُمْ فِيهَا جَمَالٌ حِينَ تُرِيحُونَ وَحِينَ تَسْرَحُونَ

क़ुरआन-अंतर्गत शब्दार्थिक आधार

शब्द का अर्थ ‘समय’ ही क्यों बना रहता है

ग्राफ ‘समय’, ‘एक समय तक’, ‘जब’, ‘हर बार’, ‘एक समय के बाद’ और ‘उस समय’ को परस्पर प्रतिस्पर्धी अर्थ मानकर उनमें से किसी एक को नहीं चुनता। حِين ‘समय’ का अर्थ देता है; आसपास का व्याकरण प्रत्येक व्यापक अभिव्यक्ति को रचता है।

2:36 और 12:35 में, إِلَىٰ या حَتَّىٰ अंतिम सीमा प्रदान करता है, इसलिए पदबंध का अर्थ ‘एक समय तक’ होता है। उस अंतिम सीमा की ओर दिशा का अर्थ स्वयं حِين में निहित नहीं है।

16:6 में, बाद की घटना उस समय की पहचान करती है जब पशु लौटते हैं। अंग्रेज़ी इस पदबंध को ‘जब’ के अर्थ में समेट सकती है, लेकिन शब्द-स्तर पर ‘समय’ बना रहता है, ताकि व्याकरण का योगदान स्पष्ट रहे।

14:25 में, كُلّ सार्वत्रिकता और पुनरावृत्ति देता है, जिससे ‘हर बार’ का अर्थ बनता है। 38:88 में, بَعْد पश्चवर्ती क्रम देता है, जिससे ‘एक समय के बाद’ का अर्थ बनता है। इनमें से किसी भी संबंध के लिए حِين के किसी अन्य शब्दार्थ की आवश्यकता नहीं है।

56:84 में, जुड़ा हुआ संकेतवाची إِذ प्रमुख घटना की पहचान करता है, जिससे ‘उस समय’ का अर्थ बनता है। 76:1 में, مِنَ ٱلدَّهْرِ एक समय को बड़े युग के भीतर रखता है। इस प्रकार, एक ही शब्दार्थिक मूल को अक्षुण्ण रखते हुए यह रचना किसी बिंदु या अवधि की पहचान कर सकती है।

जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं

सदा के लीे

2:36

فَأَزَلَّهُمَا ٱلشَّيْطَٰنُ عَنْهَا فَأَخْرَجَهُمَا مِمَّا كَانَا فِيهِ وَقُلْنَا ٱهْبِطُوا۟ بَعْضُكُمْ لِبَعْضٍ عَدُوٌّ وَلَكُمْ فِى ٱلْأَرْضِ مُسْتَقَرٌّ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٍ

वैकल्पिक: स्थापित्त्लेमेन्त और एन्जोय्मेन्त पर धरती फोरेवेर, ऊपर को एक सीमित अंत-बिंदु

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: एक समय तक पृथ्वी पर बसावट और आनंद

إلى वाली रचना समय को समाप्त करती है; असीम ‘सदैव’ अंतिम बिंदु का विरोध करता है।

तत्काल

12:35

ثُمَّ بَدَا لَهُم مِّنۢ بَعْدِ مَا رَأَوُا۟ ٱلْـَٔايَٰتِ لَيَسْجُنُنَّهُۥ حَتَّىٰ حِينٍ

वैकल्पिक: उन्होंने उसे केवल एक क्षणिक बिंदु तक कैद रखने का निर्णय किया

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: वे देकिदेद् करना इम्प्रिसोन् उसे जब तक एक तिमे

कारावास अपने अंतिम बिंदु से पहले जारी रहता है, इसलिए समय को अवधि-विहीन क्षण तक सीमित नहीं किया जा सकता।

एक उनिक़ुए ओक्कसिओन्

14:25

تُؤْتِىٓ أُكُلَهَا كُلَّ حِينٍۭ بِإِذْنِ رَبِّهَا وَيَضْرِبُ ٱللَّهُ ٱلْأَمْثَالَ لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمْ يَتَذَكَّرُونَ

वैकल्पिक: यह गिवेस् इसका फल पर केवल एक ओक्कसिओन्

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: वह हर बार अपना फल देता है

सार्वत्रिक परिमाणवाचक كل प्रत्येक प्रासंगिक समय की अपेक्षा करता है, किसी एक घटना की नहीं।

समय-सीमा

16:6

وَلَكُمْ فِيهَا جَمَالٌ حِينَ تُرِيحُونَ وَحِينَ تَسْرَحُونَ

वैकल्पिक: जब आप उन्हें घर लाते हैं तो समय सीमा के अनुसार उनमें सुंदरता होती है

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: जब तुम उन्हें घर लौटाते हो, उस समय उनमें तुम्हारे लिए शोभा होती है

लौटने की घटना एक समय की पहचान करती है; वह नियत तिथि या अवधि-समाप्ति का कोई संबंध नहीं देती।

एक भिन्न भावी दिन

56:84

وَأَنتُمْ حِينَئِذٍ تَنظُرُونَ

वैकल्पिक: आप किसी असंबद्ध भविष्य के दिन को देख रहे होंगे

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: तुम हैं पर वह तिमे लोओकिन्ग् पर

संकेतवाची إذ ठीक पहले की घटना की ओर संकेत करता है और उस समय की पहचान करता है।

पूरी उम्र

76:1

هَلْ أَتَىٰ عَلَى ٱلْإِنسَٰنِ حِينٌ مِّنَ ٱلدَّهْرِ لَمْ يَكُن شَيْـًٔا مَّذْكُورًا

वैकल्पिक: पूरा युग अपने ही एक अंश के रूप में मानव पर बीता

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: युग में से एक समय मानव पर बीता

अंशवाची रचना من الدهر एक समय को बड़े युग के भीतर रखती है।