وَبَشِّرِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ أَنَّ لَهُمْ جَنَّٰتٍ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَٰرُ كُلَّمَا رُزِقُوا۟ مِنْهَا مِن ثَمَرَةٍ رِّزْقًا قَالُوا۟ هَٰذَا ٱلَّذِى رُزِقْنَا مِن قَبْلُ وَأُتُوا۟ بِهِۦ مُتَشَٰبِهًا وَلَهُمْ فِيهَآ أَزْوَٰجٌ مُّطَهَّرَةٌ وَهُمْ فِيهَا خَٰلِدُونَ
क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत
جنن
ढकना
किसी संदर्भित वस्तु को ऐसे आवरण के नीचे रखना या ले जाना जो उसे सामान्य अनुभूति या पहुँच से हटा दे। व्युत्पन्न रूप ढके हुए घेरों, रक्षात्मक आवरण, छिपी हुई सत्ताओं, छिपे हुए अजन्मे जनों और ऊपर से ढकी हुई कर्मवाच्य अवस्था के नाम देते हैं।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 201
शब्द-मूल: جنن
लेम्मा: جنة · جن · مجنون · جان · أجنة
रूप: جَنَّٰتٍ · جَنَّةِ · جَنَّةَ · جِنِّ · جَنَّٰتِ · جَنَّٰتُ · جَنَّةُ · جَنَّٰتٌ · مَجْنُونٌ · جَآنٌّ · جَنَّةٍ · جِنَّةِ · جَنَّتَيْنِ · جَنَّةٌ · جِنَّ · جِنُّ · جَنَّتَانِ · مَجْنُونٍ · جِنَّةٍ · جَآنَّ · جَنَّتَ · جَنَّتِ · جِنَّةٌۢ · جُنَّةً · جَنَّةٍۭ · جَنَّ · جِنَّةٌ · جَنَّتَيْ · مَّجْنُونٍۭ · جِنَّةُ · جَنَّاتِ · مَّجْنُونٌ · أَجِنَّةٌ · جَنَّتُ · جَنَّةً
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 201
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 201। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 191 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
وَقُلْنَا يَٰٓـَٔادَمُ ٱسْكُنْ أَنتَ وَزَوْجُكَ ٱلْجَنَّةَ وَكُلَا مِنْهَا رَغَدًا حَيْثُ شِئْتُمَا وَلَا تَقْرَبَا هَٰذِهِ ٱلشَّجَرَةَ فَتَكُونَا مِنَ ٱلظَّٰلِمِينَ
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ أُو۟لَٰٓئِكَ أَصْحَٰبُ ٱلْجَنَّةِ هُمْ فِيهَا خَٰلِدُونَ
وَقَالُوا۟ لَن يَدْخُلَ ٱلْجَنَّةَ إِلَّا مَن كَانَ هُودًا أَوْ نَصَٰرَىٰ تِلْكَ أَمَانِيُّهُمْ قُلْ هَاتُوا۟ بُرْهَٰنَكُمْ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ
أَمْ حَسِبْتُمْ أَن تَدْخُلُوا۟ ٱلْجَنَّةَ وَلَمَّا يَأْتِكُم مَّثَلُ ٱلَّذِينَ خَلَوْا۟ مِن قَبْلِكُم مَّسَّتْهُمُ ٱلْبَأْسَآءُ وَٱلضَّرَّآءُ وَزُلْزِلُوا۟ حَتَّىٰ يَقُولَ ٱلرَّسُولُ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ مَعَهُۥ مَتَىٰ نَصْرُ ٱللَّهِ أَلَآ إِنَّ نَصْرَ ٱللَّهِ قَرِيبٌ
وَلَا تَنكِحُوا۟ ٱلْمُشْرِكَٰتِ حَتَّىٰ يُؤْمِنَّ وَلَأَمَةٌ مُّؤْمِنَةٌ خَيْرٌ مِّن مُّشْرِكَةٍ وَلَوْ أَعْجَبَتْكُمْ وَلَا تُنكِحُوا۟ ٱلْمُشْرِكِينَ حَتَّىٰ يُؤْمِنُوا۟ وَلَعَبْدٌ مُّؤْمِنٌ خَيْرٌ مِّن مُّشْرِكٍ وَلَوْ أَعْجَبَكُمْ أُو۟لَٰٓئِكَ يَدْعُونَ إِلَى ٱلنَّارِ وَٱللَّهُ يَدْعُوٓا۟ إِلَى ٱلْجَنَّةِ وَٱلْمَغْفِرَةِ بِإِذْنِهِۦ وَيُبَيِّنُ ءَايَٰتِهِۦ لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمْ يَتَذَكَّرُونَ
وَمَثَلُ ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمْوَٰلَهُمُ ٱبْتِغَآءَ مَرْضَاتِ ٱللَّهِ وَتَثْبِيتًا مِّنْ أَنفُسِهِمْ كَمَثَلِ جَنَّةٍۭ بِرَبْوَةٍ أَصَابَهَا وَابِلٌ فَـَٔاتَتْ أُكُلَهَا ضِعْفَيْنِ فَإِن لَّمْ يُصِبْهَا وَابِلٌ فَطَلٌّ وَٱللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرٌ
أَيَوَدُّ أَحَدُكُمْ أَن تَكُونَ لَهُۥ جَنَّةٌ مِّن نَّخِيلٍ وَأَعْنَابٍ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَٰرُ لَهُۥ فِيهَا مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ وَأَصَابَهُ ٱلْكِبَرُ وَلَهُۥ ذُرِّيَّةٌ ضُعَفَآءُ فَأَصَابَهَآ إِعْصَارٌ فِيهِ نَارٌ فَٱحْتَرَقَتْ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمُ ٱلْـَٔايَٰتِ لَعَلَّكُمْ تَتَفَكَّرُونَ
قُلْ أَؤُنَبِّئُكُم بِخَيْرٍ مِّن ذَٰلِكُمْ لِلَّذِينَ ٱتَّقَوْا۟ عِندَ رَبِّهِمْ جَنَّٰتٌ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَا وَأَزْوَٰجٌ مُّطَهَّرَةٌ وَرِضْوَٰنٌ مِّنَ ٱللَّهِ وَٱللَّهُ بَصِيرٌۢ بِٱلْعِبَادِ
وَسَارِعُوٓا۟ إِلَىٰ مَغْفِرَةٍ مِّن رَّبِّكُمْ وَجَنَّةٍ عَرْضُهَا ٱلسَّمَٰوَٰتُ وَٱلْأَرْضُ أُعِدَّتْ لِلْمُتَّقِينَ
scriptural comparison
एक ही “ढकने” वाला शब्द-परिवार क्यों बनाए रखा गया है
कुरआनी रूपों को एक ही “ढकने” के मूल अर्थ के अंतर्गत रखा गया है, वहाँ भी जहाँ प्रचलित अनुवादों में बहुत बड़ा अंतर है। सुसमाचार के अंश केवल सहायक तुलना के रूप में शामिल किए गए हैं: वे दिखाते हैं कि पीड़ा पहुँचाने वाले किसी सहभागी को अपने-आप किसी एक संभावित लक्षण में क्यों नहीं समेट देना चाहिए।
निर्णायक साक्ष्य कुरआनी है और ठीक उसी रूप पर आधारित है। جِنَّة के सभी दस प्रयोगों में “छिपी हुई सत्ताएँ” का अर्थ बना रहता है। पाँच सीधे छिपे हुए वर्ग का वर्णन करते हैं; पाँच एक संदेशवाहक के बारे में लगाए गए आरोपों के भीतर आते हैं। अंतिम पाँच का अनुवाद किसी अमूर्त मानसिक दशा के रूप में करने पर आस-पास का आरोप उसी स्वर-चिह्नित शब्द की शब्दगत पहचान की जगह ले लेगा।
جَانّ के सातों प्रयोगों में भी “छिपी हुई सत्ता” का अर्थ बना रहता है। 27:10 और 28:31 में تَهْتَزُّ काँपने का अर्थ देता है और كَأَنَّهَا समानता को चिह्नित करता है। समानांतर वृत्तांत वर्णित घटना की पहचान कर सकते हैं, लेकिन वे इस सटीक संज्ञा को “सर्प” में नहीं बदल सकते। तुलना को विरासत में मिली अपेक्षा के अनुसार सामान्य बनाने के बजाय उसकी बेचैन करने वाली प्रकृति सहित रहने दिया गया है।
सुसमाचार से की गई तुलना इस संयम का समर्थन करती है, पर अरबी का निर्णय नहीं करती। मरकुस 9 में यीशु पीड़ा पहुँचाने वाली आत्मा को संबोधित करते हैं और उसे पीड़ित व्यक्ति को छोड़ने का आदेश देते हैं। मत्ती 4:24 में दुष्टात्माओं से पीड़ित लोगों को रोग, दौरे और लकवे से पीड़ित लोगों से अलग सूचीबद्ध किया गया है। यूहन्ना 10:20 में इन दावों को साथ रखा गया है कि यीशु में दुष्टात्मा है और वह प्रलाप करता है; एक कथन को दूसरे की शब्दार्थगत परिभाषा नहीं बनाया गया है।
ये अंश यह सिद्ध नहीं करते कि कुरआनी सत्ताएँ क्या हैं। वे एक तुलनात्मक कारण देते हैं कि किसी कथित कर्ता या सहभागी को पागलपन तक सीमित न कर दिया जाए। कुरआनी रूपों की सूची ही नियंत्रक साक्ष्य बनी रहती है, और शब्दगत निर्णय में बाद का कोई व्याख्यात्मक साहित्य उपयोग नहीं किया गया है।
मूल पाठ के स्रोत
- यूहन्ना का सुसमाचार 10:20 यूहन्ना 10:20
- मरकुस का सुसमाचार 9:17-27 मरकुस 9:17-27
- मत्ती का सुसमाचार 4:24 मत्ती 4:24
- कुरआनी अरबी पाठ-संग्रह शब्दकोश: جنن शब्दमूल جنن के प्रयोगों की सूची
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
पागलपन
7:184
أَوَلَمْ يَتَفَكَّرُوا۟ مَا بِصَاحِبِهِم مِّن جِنَّةٍ إِنْ هُوَ إِلَّا نَذِيرٌ مُّبِينٌ
वैकल्पिक: क्या वे विचार नहीं करते? उनके साथी में कोई पागलपन नहीं है; वह तो केवल एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला है।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: क्या वे विचार नहीं करते? उनके साथी के साथ छिपी हुई सत्ताएँ नहीं हैं; वह तो केवल एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला है।
ठीक स्वर-चिह्नित शब्द جِنَّة 37:158 और 114:6 में भी छिपी हुई सत्ताओं को दर्शाता है। केवल आरोप वाले अंशों में उसी शब्द को किसी अमूर्त दशा में बदल देना, संदर्भ के अनुकूल बनाने के लिए उसकी शब्दगत पहचान बदल देता है।
सर्प
27:10
وَأَلْقِ عَصَاكَ فَلَمَّا رَءَاهَا تَهْتَزُّ كَأَنَّهَا جَآنٌّ وَلَّىٰ مُدْبِرًا وَلَمْ يُعَقِّبْ يَٰمُوسَىٰ لَا تَخَفْ إِنِّى لَا يَخَافُ لَدَىَّ ٱلْمُرْسَلُونَ
वैकल्पिक: फिर जब उसने उसे इस तरह काँपते देखा मानो वह कोई सर्प हो, तो वह मुड़कर पीछे हट गया।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: फिर जब उसने उसे इस तरह काँपते देखा मानो वह कोई छिपी हुई सत्ता हो, तो वह मुड़कर पीछे हट गया।
تَهْتَزُّ पहले ही काँपने का अर्थ देता है और كَأَنَّهَا स्पष्ट रूप से तुलना को चिह्नित करता है। कोई समानांतर अंश घटना की पहचान कर सकता है, लेकिन वह ठीक उसी جَانّ शब्द को किसी दूसरे संज्ञा-शब्द से नहीं बदल सकता।