رَبَّنَآ إِنَّكَ مَن تُدْخِلِ ٱلنَّارَ فَقَدْ أَخْزَيْتَهُۥ وَمَا لِلظَّٰلِمِينَ مِنْ أَنصَارٍ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
أَخْزَى
बे ज़ती
कारक क्रिया अपने उद्देश्य को अपमानित करती है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 12
शब्द-मूल: خزي
लेम्मा: أخزي
रूप: يُخْزِي · تُخْزِ · تُخْزُ · أَخْزَيْ · يُخْزِ · يُخْزِىَ · يُخْزِى
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 12
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 12। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 2 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
رَبَّنَا وَءَاتِنَا مَا وَعَدتَّنَا عَلَىٰ رُسُلِكَ وَلَا تُخْزِنَا يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ إِنَّكَ لَا تُخْلِفُ ٱلْمِيعَادَ
قَٰتِلُوهُمْ يُعَذِّبْهُمُ ٱللَّهُ بِأَيْدِيكُمْ وَيُخْزِهِمْ وَيَنصُرْكُمْ عَلَيْهِمْ وَيَشْفِ صُدُورَ قَوْمٍ مُّؤْمِنِينَ
فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُّقِيمٌ
وَجَآءَهُۥ قَوْمُهُۥ يُهْرَعُونَ إِلَيْهِ وَمِن قَبْلُ كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ ٱلسَّيِّـَٔاتِ قَالَ يَٰقَوْمِ هَٰٓؤُلَآءِ بَنَاتِى هُنَّ أَطْهَرُ لَكُمْ فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَلَا تُخْزُونِ فِى ضَيْفِىٓ أَلَيْسَ مِنكُمْ رَجُلٌ رَّشِيدٌ
وَيَٰقَوْمِ ٱعْمَلُوا۟ عَلَىٰ مَكَانَتِكُمْ إِنِّى عَٰمِلٌ سَوْفَ تَعْلَمُونَ مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَمَنْ هُوَ كَٰذِبٌ وَٱرْتَقِبُوٓا۟ إِنِّى مَعَكُمْ رَقِيبٌ
وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَلَا تُخْزُونِ
ثُمَّ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ يُخْزِيهِمْ وَيَقُولُ أَيْنَ شُرَكَآءِىَ ٱلَّذِينَ كُنتُمْ تُشَٰٓقُّونَ فِيهِمْ قَالَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْعِلْمَ إِنَّ ٱلْخِزْىَ ٱلْيَوْمَ وَٱلسُّوٓءَ عَلَى ٱلْكَٰفِرِينَ
وَلَا تُخْزِنِى يَوْمَ يُبْعَثُونَ
مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُّقِيمٌ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी 26 पारिवारिक घटनाओं की एक सीमाबद्ध पृष्ठ पर समीक्षा की गई। संकुचित संज्ञा-प्रस्ताव को क्रियाओं, सहभागी और उच्चतर-तुलनात्मक रूप में समन्वित किया गया: कुरान 16:27 कारक क्रिया और संज्ञा को एक ही दृश्य में रखता है, कुरान 3:192 आग में प्रवेश को अपमानित कराए जाने के बराबर ठहराता है, और कुरान 41:16 बाद के दंड की स्पष्ट तुलना अधिक अपमानजनक के रूप में करता है। संज्ञा निरंतर सांसारिक दंड, भय या अंतिम निर्णय के साथ आती है। कोई संरक्षित खंड, साक्षी-संवेदनशील संदर्भ या अनसुलझा प्रतिउदाहरण नहीं बचा है।