وَقَالُوا۟ كُونُوا۟ هُودًا أَوْ نَصَٰرَىٰ تَهْتَدُوا۟ قُلْ بَلْ مِلَّةَ إِبْرَٰهِـۧمَ حَنِيفًا وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
حَنِيف · حُنَفَاء
एक्स्क्लुसिवेल्य् ईश्वर-निर्देशित
ओरिएन्तेद व्होल्ल्य की ओर ईश्वर बिना अस्सोकिअतिङ कोई पार्त्नेर के साथ उसे.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 12
शब्द-मूल: حنف
लेम्मा: حنيف
रूप: حَنِيفًا · حُنَفَآءَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 12
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 12। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 2 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
مَا كَانَ إِبْرَٰهِيمُ يَهُودِيًّا وَلَا نَصْرَانِيًّا وَلَٰكِن كَانَ حَنِيفًا مُّسْلِمًا وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
قُلْ صَدَقَ ٱللَّهُ فَٱتَّبِعُوا۟ مِلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًا وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
وَمَنْ أَحْسَنُ دِينًا مِّمَّنْ أَسْلَمَ وَجْهَهُۥ لِلَّهِ وَهُوَ مُحْسِنٌ وَٱتَّبَعَ مِلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًا وَٱتَّخَذَ ٱللَّهُ إِبْرَٰهِيمَ خَلِيلًا
إِنِّى وَجَّهْتُ وَجْهِىَ لِلَّذِى فَطَرَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ حَنِيفًا وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
قُلْ إِنَّنِى هَدَىٰنِى رَبِّىٓ إِلَىٰ صِرَٰطٍ مُّسْتَقِيمٍ دِينًا قِيَمًا مِّلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًا وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
وَأَنْ أَقِمْ وَجْهَكَ لِلدِّينِ حَنِيفًا وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
إِنَّ إِبْرَٰهِيمَ كَانَ أُمَّةً قَانِتًا لِّلَّهِ حَنِيفًا وَلَمْ يَكُ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
ثُمَّ أَوْحَيْنَآ إِلَيْكَ أَنِ ٱتَّبِعْ مِلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًا وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ
حُنَفَآءَ لِلَّهِ غَيْرَ مُشْرِكِينَ بِهِۦ وَمَن يُشْرِكْ بِٱللَّهِ فَكَأَنَّمَا خَرَّ مِنَ ٱلسَّمَآءِ فَتَخْطَفُهُ ٱلطَّيْرُ أَوْ تَهْوِى بِهِ ٱلرِّيحُ فِى مَكَانٍ سَحِيقٍ
यह अर्थ क्यों चुना गया
क़ुरआन-आंतरिक समीक्षा में सभी बारह घटनाओं को शामिल किया गया था। विशेषण बार-बार अब्राहम, उनकी राह, रसूल के निर्देशित चेहरे और उपासकों को सामूहिक रूप से दर्शाती है। नौ घटनाओं में स्पष्ट रूप से एक ही पद में संबंध से इनकार किया जाता है; शेष संदर्भ विशेषण को विशेष उपासना, ईमानदार धर्म, सीधा रास्ता या भगवान के सृजित स्वभाव के लिए जोड़ते हैं। एकल और बहुसंख्यक संख्याएं स्थिर विशेष-उन्मुखता कोर को नहीं बदलती हैं। संरेखित-पढ़ने वाले क्षेत्र में कोई भिन्नता नहीं है जिसके लिए एक अलग नियम की आवश्यकता होती है; कोई संरक्षित अर्थ संपादित नहीं किया गया था और कोई सटीक शब्दावली टकराव नहीं मिला था।