أَمْ يَقُولُونَ ٱفْتَرَىٰهُ قُلْ فَأْتُوا۟ بِعَشْرِ سُوَرٍ مِّثْلِهِۦ مُفْتَرَيَٰتٍ وَٱدْعُوا۟ مَنِ ٱسْتَطَعْتُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
مُفْتَرَى
मन ग्हड़त
निष्क्रिय कृदंत किसी पाठ, जादुई दावे और भ्रामक कथन को असमर्थित निर्माण का श्रेय देता है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: فري
लेम्मा: مفترى · مفترية
रूप: مُّفْتَرًى · مُفْتَرَيَٰتٍ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
فَلَمَّا جَآءَهُم مُّوسَىٰ بِـَٔايَٰتِنَا بَيِّنَٰتٍ قَالُوا۟ مَا هَٰذَآ إِلَّا سِحْرٌ مُّفْتَرًى وَمَا سَمِعْنَا بِهَٰذَا فِىٓ ءَابَآئِنَا ٱلْأَوَّلِينَ
وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ ءَايَٰتُنَا بَيِّنَٰتٍ قَالُوا۟ مَا هَٰذَآ إِلَّا رَجُلٌ يُرِيدُ أَن يَصُدَّكُمْ عَمَّا كَانَ يَعْبُدُ ءَابَآؤُكُمْ وَقَالُوا۟ مَا هَٰذَآ إِلَّآ إِفْكٌ مُّفْتَرًى وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ لِلْحَقِّ لَمَّا جَآءَهُمْ إِنْ هَٰذَآ إِلَّا سِحْرٌ مُّبِينٌ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी 60 पारिवारिक प्रयोगों की एक पृष्ठ पर समीक्षा की गई, जिनमें कोई संरक्षित खंड और कोई साक्षी-विचलन नहीं था। क़ुरआन 3:94, 4:50, 6:21, 10:60, 16:105 और 61:7 परिवार को स्पष्ट रूप से झूठ से जोड़ते हैं, जबकि निष्क्रिय, कृदंतीय, क्रियासंज्ञा, अपवाद और आरोपात्मक-विशेषण संदर्भ एक निर्माण-मूल को सुरक्षित रखते हैं। प्रत्येक विहित, शाखागत और नियम-अनुवाद एकवचन है।