مَا جَعَلَ ٱللَّهُ مِنۢ بَحِيرَةٍ وَلَا سَآئِبَةٍ وَلَا وَصِيلَةٍ وَلَا حَامٍ وَلَٰكِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يَفْتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ وَأَكْثَرُهُمْ لَا يَعْقِلُونَ
क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत
بَحِيرَة
गढ़ी हुई पशुधन-श्रेणी
गढ़े हुए प्रतिबंधों में प्रयुक्त पशुधन की एक नामित श्रेणी, जिसकी अधिक सूक्ष्म भौतिक परिभाषा आंतरिक रूप से नहीं दी गई है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 1
शब्द-मूल: بحر
लेम्मा: بحيرة
रूप: بَحِيرَةٍ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 1; कुल संख्या: 1
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 1।
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
समुद्र
5:103
مَا جَعَلَ ٱللَّهُ مِنۢ بَحِيرَةٍ وَلَا سَآئِبَةٍ وَلَا وَصِيلَةٍ وَلَا حَامٍ وَلَٰكِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يَفْتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ وَأَكْثَرُهُمْ لَا يَعْقِلُونَ
वैकल्पिक: ईश्वर ने समुद्र, sāʾibah, waṣīlah या ḥām की व्यवस्था नहीं की।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: ईश्वर ने baḥīrah, sāʾibah, waṣīlah या ḥām की व्यवस्था नहीं की।
समन्वित सूची में गढ़े हुए प्रतिबंधों में प्रयुक्त पशुधन की नामित श्रेणियाँ हैं; जल-निकाय उस सूची में नहीं आ सकता।