क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

أَبْكَار

प्रथम मरितल् अवस्था

स्त्रियाँ जिसका मारिताल अवस्था है नहीं पहले प्रोग्रेस्सेद के माध्यम से विवाह.

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2

शब्द-मूल: بكر

लेम्मा: بكر

रूप: أَبْكَارًا

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2

क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।

56:36

فَجَعَلْنَٰهُنَّ أَبْكَارًا

66:5

عَسَىٰ رَبُّهُۥٓ إِن طَلَّقَكُنَّ أَن يُبْدِلَهُۥٓ أَزْوَٰجًا خَيْرًا مِّنكُنَّ مُسْلِمَٰتٍ مُّؤْمِنَٰتٍ قَٰنِتَٰتٍ تَٰٓئِبَٰتٍ عَٰبِدَٰتٍ سَٰٓئِحَٰتٍ ثَيِّبَٰتٍ وَأَبْكَارًا

यह अर्थ क्यों चुना गया

सभी 12 घटनाओं का निरीक्षण किया गया। 2:68 पर संरक्षित بِكْر खंड अपने स्वीकृत स्वामी के अधीन अछूता रहता है। नौ संपादनयोग्य कालिक संज्ञाएं दैनिक चक्र के आरंभिक भाग को दर्शाती हैं, जिसका बार-बार शाम से विरोध किया गया है। दो أَبْكَار खंड प्रथम वैवाहिक अवस्था वाली स्त्रियों को दर्शाते हैं, जिनका 66:5 पर पहले विवाहित स्त्रियों से स्पष्ट विरोध है। ये प्रयोग एक पूर्वरहित आरंभिक-अवस्था मूल साझा करते हैं। कोई उम्मीदवार, संरेखित पाठ-विचलन या अनसुलझा अर्थगत प्रश्न नहीं बचा है।