وَإِنْ خِفْتُمْ شِقَاقَ بَيْنِهِمَا فَٱبْعَثُوا۟ حَكَمًا مِّنْ أَهْلِهِۦ وَحَكَمًا مِّنْ أَهْلِهَآ إِن يُرِيدَآ إِصْلَٰحًا يُوَفِّقِ ٱللَّهُ بَيْنَهُمَآ إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ عَلِيمًا خَبِيرًا
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
يُوَفِّق، تَوْفِيق، وِفَاق
फ़ित्तिन्ग् कोर्रेस्पोन्देन्के
दिसतिनकत पक्ष, कूरसज़, या ाउतकोमेस क्हड़े हू जाओ या हैं बरऑत में एक संबंध कि फितस एक रेलेवअनत हम मनसब, लक्ष्य, या सतअनदारद.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 4
शब्द-मूल: وفق
लेम्मा: توفيق · يوفق · وفاق
रूप: يُوَفِّقِ · تَوْفِيقًا · تَوْفِيقِ · وِفَاقًا
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 4; कुल संख्या: 4
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 4।
فَكَيْفَ إِذَآ أَصَٰبَتْهُم مُّصِيبَةٌۢ بِمَا قَدَّمَتْ أَيْدِيهِمْ ثُمَّ جَآءُوكَ يَحْلِفُونَ بِٱللَّهِ إِنْ أَرَدْنَآ إِلَّآ إِحْسَٰنًا وَتَوْفِيقًا
قَالَ يَٰقَوْمِ أَرَءَيْتُمْ إِن كُنتُ عَلَىٰ بَيِّنَةٍ مِّن رَّبِّى وَرَزَقَنِى مِنْهُ رِزْقًا حَسَنًا وَمَآ أُرِيدُ أَنْ أُخَالِفَكُمْ إِلَىٰ مَآ أَنْهَىٰكُمْ عَنْهُ إِنْ أُرِيدُ إِلَّا ٱلْإِصْلَٰحَ مَا ٱسْتَطَعْتُ وَمَا تَوْفِيقِىٓ إِلَّا بِٱللَّهِ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَإِلَيْهِ أُنِيبُ
جَزَآءً وِفَاقًا
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
एक जीसी बनाइीं
4:35
وَإِنْ خِفْتُمْ شِقَاقَ بَيْنِهِمَا فَٱبْعَثُوا۟ حَكَمًا مِّنْ أَهْلِهِۦ وَحَكَمًا مِّنْ أَهْلِهَآ إِن يُرِيدَآ إِصْلَٰحًا يُوَفِّقِ ٱللَّهُ بَيْنَهُمَآ إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ عَلِيمًا خَبِيرًا
वैकल्पिक: ईश्वर बनाता है सेपरतेद् जीवनसाथी इदेन्तिकल्
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: ईश्वर ब्रिन्ग्स् सेपरतेद् जीवनसाथी में अक्कोर्द्
मरम्मत के लिए दो अलग-अलग लोगों को संरक्षित करते हुए संबंधपरक फिट की आवश्यकता होती है, न कि पहचान या संख्यात्मक समानता की।
माूज़ह
11:88
قَالَ يَٰقَوْمِ أَرَءَيْتُمْ إِن كُنتُ عَلَىٰ بَيِّنَةٍ مِّن رَّبِّى وَرَزَقَنِى مِنْهُ رِزْقًا حَسَنًا وَمَآ أُرِيدُ أَنْ أُخَالِفَكُمْ إِلَىٰ مَآ أَنْهَىٰكُمْ عَنْهُ إِنْ أُرِيدُ إِلَّا ٱلْإِصْلَٰحَ مَا ٱسْتَطَعْتُ وَمَا تَوْفِيقِىٓ إِلَّا بِٱللَّهِ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَإِلَيْهِ أُنِيبُ
वैकल्पिक: मेरा प्रतिफल है केवल आर-पार ईश्वर
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: उचित सुधार की मेरी उपलब्धि केवल ईश्वर के माध्यम से है
साबक़ह पुरपोसे है रेफॉरम को सीमा तक पोससिबले; कोई नहीं रेवारद या दंड कर्म दिखता है में यह रचना.
सफलता
78:26
جَزَآءً وِفَاقًا
वैकल्पिक: एक प्रतिफल वह है एक सुक्केस्स्
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: एक प्रतिफल फ़ित्तिन्ग्ल्य् अनुरूप
क्वअलिफीर रेलअतेस माूज़ह को उसका वाररअनतिङ सतअनदारद; एक पुनितिवे परिणाम आवश्यकता नहीं होना सफलता के लिए उसका प्राप्तकर्ता.