لَا تَقُمْ فِيهِ أَبَدًا لَّمَسْجِدٌ أُسِّسَ عَلَى ٱلتَّقْوَىٰ مِنْ أَوَّلِ يَوْمٍ أَحَقُّ أَن تَقُومَ فِيهِ فِيهِ رِجَالٌ يُحِبُّونَ أَن يَتَطَهَّرُوا۟ وَٱللَّهُ يُحِبُّ ٱلْمُطَّهِّرِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
تَأْسِيس
पाया
क्रिया बताए गए आधार पर एक संरचना स्थापित करती है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: أسس
लेम्मा: أسس
रूप: أَسَّسَ · أُسِّسَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
أَفَمَنْ أَسَّسَ بُنْيَٰنَهُۥ عَلَىٰ تَقْوَىٰ مِنَ ٱللَّهِ وَرِضْوَٰنٍ خَيْرٌ أَم مَّنْ أَسَّسَ بُنْيَٰنَهُۥ عَلَىٰ شَفَا جُرُفٍ هَارٍ فَٱنْهَارَ بِهِۦ فِى نَارِ جَهَنَّمَ وَٱللَّهُ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَ
أَفَمَنْ أَسَّسَ بُنْيَٰنَهُۥ عَلَىٰ تَقْوَىٰ مِنَ ٱللَّهِ وَرِضْوَٰنٍ خَيْرٌ أَم مَّنْ أَسَّسَ بُنْيَٰنَهُۥ عَلَىٰ شَفَا جُرُفٍ هَارٍ فَٱنْهَارَ بِهِۦ فِى نَارِ جَهَنَّمَ وَٱللَّهُ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी तीन पारिवारिक घटनाओं की समीक्षा एक बंधे हुए पृष्ठ पर की गई; प्रत्येक घटना एक जमे हुए लक्ष्य है, जिसमें कोई संरक्षित रिकॉर्ड या संकुचित उम्मीदवार नहीं है। कुरान 9:108 श्रद्धा पर स्थापित एक मस्जिद का वर्णन करता है, और 9:109 दो एजेंटों की तुलना अलग-अलग आधारों पर अपनी संरचनाओं को स्थापित करने से करता है। عَلَى पूरक आधार निर्दिष्ट करते हैं जबकि फॉर्म II सक्रिय बनाम निष्क्रिय आवाज और स्थानीय तर्क सामान्य रूप से बनाते हैं। कोई संरेखित पठन पेलोड, कुरान-आंतरिक प्रति-उदाहरण, या अनसुलझा मुद्दा मौजूद नहीं है।