فَلَمَّا سَمِعَتْ بِمَكْرِهِنَّ أَرْسَلَتْ إِلَيْهِنَّ وَأَعْتَدَتْ لَهُنَّ مُتَّكَـًٔا وَءَاتَتْ كُلَّ وَٰحِدَةٍ مِّنْهُنَّ سِكِّينًا وَقَالَتِ ٱخْرُجْ عَلَيْهِنَّ فَلَمَّا رَأَيْنَهُۥٓ أَكْبَرْنَهُۥ وَقَطَّعْنَ أَيْدِيَهُنَّ وَقُلْنَ حَٰشَ لِلَّهِ مَا هَٰذَا بَشَرًا إِنْ هَٰذَآ إِلَّا مَلَكٌ كَرِيمٌ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
حَاشَ لِلَّهِ
ईश्वर नह करे
किसी प्रस्ताव को ईश्वर के समक्ष अकल्पनीय मानकर अस्वीकार करने वाला विस्मयादिबोधक।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: حوش
लेम्मा: حاش
रूप: حَٰشَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
قَالَ مَا خَطْبُكُنَّ إِذْ رَٰوَدتُّنَّ يُوسُفَ عَن نَّفْسِهِۦ قُلْنَ حَٰشَ لِلَّهِ مَا عَلِمْنَا عَلَيْهِ مِن سُوٓءٍ قَالَتِ ٱمْرَأَتُ ٱلْعَزِيزِ ٱلْـَٰٔنَ حَصْحَصَ ٱلْحَقُّ أَنَا۠ رَٰوَدتُّهُۥ عَن نَّفْسِهِۦ وَإِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
दोनों पारिवारिक घटनाओं की एक पृष्ठ पर समीक्षा की गई। प्रत्येक यूसुफ के विवरण में महिलाओं द्वारा حَاشَ لِلَّهِ बोली जाती है, पहले उसे देखने पर और बाद में उसके द्वारा गलत काम के ज्ञान से इनकार करते समय। निश्चित पूर्वदबानाआयन एक विस्मयादिबोधक दूरी की भावना रखता है।