وَإِن كَانَ أَصْحَٰبُ ٱلْأَيْكَةِ لَظَٰلِمِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
أيكة
गरू
एक घना उपवन जिससे जुड़े लोगों की पहचान होती थी।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 4
लेम्मा: أيكة
रूप: أَيْكَةِ · ـَٔيْكَةِ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 4; कुल संख्या: 4
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 4।
كَذَّبَ أَصْحَٰبُ لْـَٔيْكَةِ ٱلْمُرْسَلِينَ
وَثَمُودُ وَقَوْمُ لُوطٍ وَأَصْحَٰبُ لْـَٔيْكَةِ أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلْأَحْزَابُ
وَأَصْحَٰبُ ٱلْأَيْكَةِ وَقَوْمُ تُبَّعٍ كُلٌّ كَذَّبَ ٱلرُّسُلَ فَحَقَّ وَعِيدِ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी चार अनरूट संज्ञा घटनाएं निश्चित लोगों के ग्रोव पदनाम में दिखाई देती हैं। दो सतही वर्तनी कुरान के साक्ष्य के भीतर एक प्रासंगिक या संदर्भात्मक विरोधाभास उत्पन्न नहीं करती हैं, इसलिए वे एक दायरे में रहते हैं।