क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

أَمَل

आशा

संज्ञा वांछित भविष्य की ओर निर्देशित अपेक्षा को दर्शाती है।

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2

शब्द-मूल: أمل

लेम्मा: أمل

रूप: أَمَلُ · أَمَلًا

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2

क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।

15:3

ذَرْهُمْ يَأْكُلُوا۟ وَيَتَمَتَّعُوا۟ وَيُلْهِهِمُ ٱلْأَمَلُ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ

18:46

ٱلْمَالُ وَٱلْبَنُونَ زِينَةُ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَٱلْبَٰقِيَٰتُ ٱلصَّٰلِحَٰتُ خَيْرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابًا وَخَيْرٌ أَمَلًا

यह अर्थ क्यों चुना गया

दोनों पारिवारिक घटनाओं की समीक्षा एक सीमित पृष्ठ पर की गई; दोनों ही जमे हुए लक्ष्य हैं, जिनका कोई संरक्षित रिकॉर्ड या संकुचित उम्मीदवार नहीं है। 15:3 में आशा लोगों का ध्यान भटकाने वाले एजेंट के रूप में कार्य करती है, जबकि 18:46 में स्थायी अच्छे कार्यों का मूल्यांकन आशा में बेहतर के रूप में किया जाता है। निश्चितता, मामला और तुलनात्मक निर्माण स्थानीय स्तर पर रचना करते हैं। कोई भी संरेखित पठन पेलोड या कुरान-आंतरिक प्रति-उदाहरण दूसरे मूल या अनसुलझे मुद्दे का समर्थन नहीं करता है।