فَإِن كَذَّبُوكَ فَقَدْ كُذِّبَ رُسُلٌ مِّن قَبْلِكَ جَآءُو بِٱلْبَيِّنَٰتِ وَٱلزُّبُرِ وَٱلْكِتَٰبِ ٱلْمُنِيرِ
क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत
مُنِير
उज्ज्वल करने वाला
भौतिक अथवा अन्यथा बोधगम्य प्रकाश सक्रिय रूप से प्रदान करना।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 6
शब्द-मूल: نور
लेम्मा: منير
रूप: مُنِيرِ · مُّنِيرٍ · مُّنِيرًا
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 6; कुल संख्या: 6
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 6।
وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يُجَٰدِلُ فِى ٱللَّهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَلَا هُدًى وَلَا كِتَٰبٍ مُّنِيرٍ
تَبَارَكَ ٱلَّذِى جَعَلَ فِى ٱلسَّمَآءِ بُرُوجًا وَجَعَلَ فِيهَا سِرَٰجًا وَقَمَرًا مُّنِيرًا
أَلَمْ تَرَوْا۟ أَنَّ ٱللَّهَ سَخَّرَ لَكُم مَّا فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ وَأَسْبَغَ عَلَيْكُمْ نِعَمَهُۥ ظَٰهِرَةً وَبَاطِنَةً وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يُجَٰدِلُ فِى ٱللَّهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَلَا هُدًى وَلَا كِتَٰبٍ مُّنِيرٍ
وَدَاعِيًا إِلَى ٱللَّهِ بِإِذْنِهِۦ وَسِرَاجًا مُّنِيرًا
وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ جَآءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِٱلْبَيِّنَٰتِ وَبِٱلزُّبُرِ وَبِٱلْكِتَٰبِ ٱلْمُنِيرِ
यह अर्थ क्यों चुना गया
कुरआन نور का प्रयोग खगोलीय, धर्मग्रंथीय, आंतरिक और बाह्य रूप से प्रकट संदर्भों में करता है। “उद्भासित करना” इन सभी संदर्भों में एक ही क्रिया को बनाए रखता है, जबकि “उद्भासन” उसका संज्ञा-रूप देता है। अंग्रेज़ी में “प्रकाश” भी एक संभावित अनुवाद है, लेकिन वह कम सटीक है, क्योंकि वह पाठक को बहुत आसानी से केवल भौतिक अभिव्यक्ति तक सीमित कर देता है।