قَالَ بَلْ فَعَلَهُۥ كَبِيرُهُمْ هَٰذَا فَسْـَٔلُوهُمْ إِن كَانُوا۟ يَنطِقُونَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
نَطَقَ وأَنطَقَ ومَنطِق
इन्तेल्लिगिब्ले अर्तिकुलतिओन्
को मानिफेस्त मेअनिङ्फुल विषयवस्तु में एक इन्तेल्लिगिब्ले एक्स्प्रेस्सिवे रूप.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 12
शब्द-मूल: نطق
लेम्मा: ينطق · أنطق · منطق
रूप: يَنطِقُ · تَنطِقُ · أَنطَقَ · مَنطِقَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 12
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 12। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 2 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
ثُمَّ نُكِسُوا۟ عَلَىٰ رُءُوسِهِمْ لَقَدْ عَلِمْتَ مَا هَٰٓؤُلَآءِ يَنطِقُونَ
وَلَا نُكَلِّفُ نَفْسًا إِلَّا وُسْعَهَا وَلَدَيْنَا كِتَٰبٌ يَنطِقُ بِٱلْحَقِّ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ
وَوَرِثَ سُلَيْمَٰنُ دَاوُۥدَ وَقَالَ يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ عُلِّمْنَا مَنطِقَ ٱلطَّيْرِ وَأُوتِينَا مِن كُلِّ شَىْءٍ إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلْفَضْلُ ٱلْمُبِينُ
وَوَقَعَ ٱلْقَوْلُ عَلَيْهِم بِمَا ظَلَمُوا۟ فَهُمْ لَا يَنطِقُونَ
مَا لَكُمْ لَا تَنطِقُونَ
وَقَالُوا۟ لِجُلُودِهِمْ لِمَ شَهِدتُّمْ عَلَيْنَا قَالُوٓا۟ أَنطَقَنَا ٱللَّهُ ٱلَّذِىٓ أَنطَقَ كُلَّ شَىْءٍ وَهُوَ خَلَقَكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
وَقَالُوا۟ لِجُلُودِهِمْ لِمَ شَهِدتُّمْ عَلَيْنَا قَالُوٓا۟ أَنطَقَنَا ٱللَّهُ ٱلَّذِىٓ أَنطَقَ كُلَّ شَىْءٍ وَهُوَ خَلَقَكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
هَٰذَا كِتَٰبُنَا يَنطِقُ عَلَيْكُم بِٱلْحَقِّ إِنَّا كُنَّا نَسْتَنسِخُ مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
فَوَرَبِّ ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ إِنَّهُۥ لَحَقٌّ مِّثْلَ مَآ أَنَّكُمْ تَنطِقُونَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी 12 घटनाओं की तुलना की गई। फॉर्म I में मूर्तियों और लोगों की बोलने की क्षमता या असमर्थता, संदेशवाहक की अभिव्यक्ति और सच्चाई की गवाही देने वाली किताबें शामिल हैं। फॉर्म IV संरचनात्मक रूप से खाल और सभी चीजों को स्पष्ट करता है, जबकि مَنطِق सोलोमन को सिखाई गई पक्षियों की संचार अभिव्यक्ति को दर्शाता है। व्यक्ति, अमानवीय गवाह, रिकॉर्ड और पक्षी संदर्भ एक प्रकट-अभिव्यक्ति कोर को बनाए रखते हैं। कोई उम्मीदवार, टकराव, संरेखित पठन विचलन, या अनसुलझा अर्थ संबंधी प्रश्न नहीं बचा है।