فَوَرَبِّكَ لَنَحْشُرَنَّهُمْ وَٱلشَّيَٰطِينَ ثُمَّ لَنُحْضِرَنَّهُمْ حَوْلَ جَهَنَّمَ جِثِيًّا
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
جثو
ग्हटने टीकना
जबरन समर्पण की मुद्रा में घुटनों के बल बैठ जाना।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: جثو
लेम्मा: جثي · جاثية
रूप: جِثِيًّا · جَاثِيَةً
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
ثُمَّ نُنَجِّى ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوا۟ وَّنَذَرُ ٱلظَّٰلِمِينَ فِيهَا جِثِيًّا
وَتَرَىٰ كُلَّ أُمَّةٍ جَاثِيَةً كُلُّ أُمَّةٍ تُدْعَىٰٓ إِلَىٰ كِتَٰبِهَا ٱلْيَوْمَ تُجْزَوْنَ مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
तीनों घटनाओं का एक साथ निरीक्षण किया गया। लोग नरक के चारों ओर इकट्ठे हुए, गलत काम करने वाले इसके भीतर चले गए, और इसके रिकॉर्ड की प्रतीक्षा करने वाला प्रत्येक समुदाय न्याय के तहत एक ही निचले घुटने की मुद्रा साझा करता है। घटना संज्ञा और सक्रिय कृदंत रचनात्मक हैं।