क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत

الحروف المقطعة

अक्षर-एलेमेन्त्स् तउघ्त् आर-पार पेन्

वे “रहस्यमय अक्षर” नहीं हैं। वे उस लिखित/पाठित व्यवस्था के अक्षर-तत्व हैं जो ईश्वर ने मानवता को सिखाई। वे प्रकाशना, लेखन, पठन, शिक्षण और मानवीय ज्ञान के मूल निर्माण-खंड हैं। यह है जो ईश्वर यीशु के संबंध में थोमा के शैशव-सुसमाचार 6:10 में कहता है: सुनो, शिक्षक, और पहले अक्षर-तत्व की व्यवस्था को समझो। ध्यान दो कि उसमें तीक्ष्ण रेखाएँ और एक मध्य चिह्न कैसे हैं: वे रेखाएँ जिन्हें तुम नुकीला होते, आर-पार कटते, एकत्र होते, बाहर जाते, खींचे जाते, ऊपर उठते, नाचते, विकिरित होते, तीन-चिह्नित, दोहरे-सिरे वाले, समान-आकृति वाले, समान-मोटाई वाले, समान-प्रकार वाले, माप-डोरी-युक्त, तुला-स्थापित, समान-मापित और समान-विभाजित देखते हो। अल्फा में ये रेखाएँ हैं। अतः यीशु अल्फा को बिना किसी सिखाए जा सकने वाले विषय-वस्तु वाली रहस्यमय ध्वनि नहीं मानते। वे उसे τάξις / टैक्सिस — क्रम, व्यवस्था, अनुक्रम — वाला एक संरचित तत्व मानते हैं। κανόνες / kanones का शाब्दिक अर्थ नियम, छड़ें, सीधी रेखाएँ, मानक है। यह ٱلَّذِى عَلَّمَ بِٱلْقَلَمِ عَلَّمَ ٱلْإِنسَٰنَ مَا لَمْ يَعْلَمْ से दृढ़ता से संबद्ध है। क़ुरआनी अरबी कॉर्पस 96:4 में allama को “सिखाया” और bil-qalam को “कलम द्वारा” के रूप में चिह्नित करता है, फिर 96:5 में फिर allama al-insān mā lam yaʿlam — “मनुष्य को वह सिखाया जो वह नहीं जानता था।”

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 30

रूप: حمٓ · الٓمٓ · الٓر · طسٓمٓ · الٓمٓصٓ · الٓمٓر · كٓهيعٓصٓ · طه · طسٓ · يسٓ · صٓ · عٓسٓقٓ · قٓ · نٓ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 30

क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 30। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 20 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।

2:1

الٓمٓ

3:1

الٓمٓ

7:1

الٓمٓصٓ

10:1

الٓر تِلْكَ ءَايَٰتُ ٱلْكِتَٰبِ ٱلْحَكِيمِ

11:1

الٓر كِتَٰبٌ أُحْكِمَتْ ءَايَٰتُهُۥ ثُمَّ فُصِّلَتْ مِن لَّدُنْ حَكِيمٍ خَبِيرٍ

12:1

الٓر تِلْكَ ءَايَٰتُ ٱلْكِتَٰبِ ٱلْمُبِينِ

13:1

الٓمٓر تِلْكَ ءَايَٰتُ ٱلْكِتَٰبِ وَٱلَّذِىٓ أُنزِلَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ ٱلْحَقُّ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يُؤْمِنُونَ

14:1

الٓر كِتَٰبٌ أَنزَلْنَٰهُ إِلَيْكَ لِتُخْرِجَ ٱلنَّاسَ مِنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ بِإِذْنِ رَبِّهِمْ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلْعَزِيزِ ٱلْحَمِيدِ

15:1

الٓر تِلْكَ ءَايَٰتُ ٱلْكِتَٰبِ وَقُرْءَانٍ مُّبِينٍ

19:1

كٓهيعٓصٓ

जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं

रहस्यमय अक्षर

2:1

الٓمٓ

वैकल्पिक: रहस्यमय अक्षर.

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: अक्षर-एलेमेन्त्स् तउघ्त् आर-पार पेन्.

कअललिङ उन्हें मयसतरिाउस सतोपस िनवेसतिगअशन. सतॉरेद हयपोथेसिस तरीतस उन्हें के रूप में ेलेमेनतस का वरिततेन/रेकितेद सयसतेम सक्हाीा के माध्यम से कलम.