يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لِيَسْتَـْٔذِنكُمُ ٱلَّذِينَ مَلَكَتْ أَيْمَٰنُكُمْ وَٱلَّذِينَ لَمْ يَبْلُغُوا۟ ٱلْحُلُمَ مِنكُمْ ثَلَٰثَ مَرَّٰتٍ مِّن قَبْلِ صَلَوٰةِ ٱلْفَجْرِ وَحِينَ تَضَعُونَ ثِيَابَكُم مِّنَ ٱلظَّهِيرَةِ وَمِنۢ بَعْدِ صَلَوٰةِ ٱلْعِشَآءِ ثَلَٰثُ عَوْرَٰتٍ لَّكُمْ لَيْسَ عَلَيْكُمْ وَلَا عَلَيْهِمْ جُنَاحٌۢ بَعْدَهُنَّ طَوَّٰفُونَ عَلَيْكُم بَعْضُكُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمُ ٱلْـَٔايَٰتِ وَٱللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
حُلُم
परिपक्वता सीमा
वह मातुरित्य थ्रेशोल्द बाद जो प्रिवाक्य-पेर्मिस्सिओन रुलेस चाङे.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: حلم
लेम्मा: حلم
रूप: حُلُمَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
وَإِذَا بَلَغَ ٱلْأَطْفَٰلُ مِنكُمُ ٱلْحُلُمَ فَلْيَسْتَـْٔذِنُوا۟ كَمَا ٱسْتَـْٔذَنَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمْ ءَايَٰتِهِۦ وَٱللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी 21 घटनाओं की तुलना की गई। विशेषण حَلِيم दैवीय और मानवीय वर्णनों में निरंतर स्थिर सहनशीलता को रूपायित करता है। 52:32 पर एकमात्र أَحْلَام को अनंतिम रूप से नियंत्रक विचार-विमर्श क्षमताओं के रूप में रखा गया है, क्योंकि उन क्षमताओं को आचरण का आदेश देने वाला कहा गया है। तीन स्वप्न-छवि घटनाएं और दो परिपक्वता-सीमा घटनाएं सटीक-खंडीय शाब्दिक टकराव हैं, जिनका कुरान-आंतरिक व्यवहार स्थिर आत्म-नियंत्रण गुण का खंडन करता है। कोई संरेखित पाठ-विचलन मौजूद नहीं है।