وَكُلَّ إِنسَٰنٍ أَلْزَمْنَٰهُ طَٰٓئِرَهُۥ فِى عُنُقِهِۦ وَنُخْرِجُ لَهُۥ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ كِتَٰبًا يَلْقَىٰهُ مَنشُورًا
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
عنق
गर्दन मनसलक
गर्दन का उपयोग लाक्षणिक रूप से उस बिंदु के रूप में किया जाता है जहां व्यक्तिगत जिम्मेदारी या संयम बांधा जाता है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: عنق
लेम्मा: عنق
रूप: عُنُقِ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
وَلَا تَجْعَلْ يَدَكَ مَغْلُولَةً إِلَىٰ عُنُقِكَ وَلَا تَبْسُطْهَا كُلَّ ٱلْبَسْطِ فَتَقْعُدَ مَلُومًا مَّحْسُورًا
यह अर्थ क्यों चुना गया
अधिकांश घटनाएं ठोस मानव या जानवरों की गर्दन होती हैं, झुकी होती हैं, छुती होती हैं, या बेड़ियों से घिरी होती हैं। दो निर्माण एक ही शारीरिक स्थान का लाक्षणिक रूप से उपयोग करते हैं: प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड गर्दन से जुड़ा होता है, और एक कंजूस के हाथ को जंजीर से बांधा जाता है। आलंकारिक इंद्रियां स्पष्ट शारीरिक लगाव बनाए रखती हैं।