क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

صَرّة

चीख़

भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ अचानक तीव्र आक्रोश।

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 1

शब्द-मूल: صرر

लेम्मा: صرة

रूप: صَرَّةٍ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 1; कुल संख्या: 1

क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 1।

51:29

فَأَقْبَلَتِ ٱمْرَأَتُهُۥ فِى صَرَّةٍ فَصَكَّتْ وَجْهَهَا وَقَالَتْ عَجُوزٌ عَقِيمٌ

जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं

बरक़रार

51:29

فَأَقْبَلَتِ ٱمْرَأَتُهُۥ فِى صَرَّةٍ فَصَكَّتْ وَجْهَهَا وَقَالَتْ عَجُوزٌ عَقِيمٌ

वैकल्पिक: बरक़रार

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: चीख़

51:29 में इब्राहीम की पत्नी صَرّة में आती है, अपने चेहरे पर प्रहार करती है, और वृद्ध बाँझ स्त्री होने पर आश्चर्य से बोलती है। यह अचानक भावात्मक-स्वरात्मक परिवेश जानबूझकर चुने गए मार्ग पर चलते रहने का अर्थ नहीं दे सकता, इसलिए यह सटीक खंड शाब्दिक टक्कर है। स्त्री संज्ञा में आती है, चेहरे पर प्रहार करती है और तुरंत अपनी आयु तथा बाँझपन पर पुकार उठती है, जिससे भावात्मक आक्रोश का आधार बनता है।