مِنْ أَجْلِ ذَٰلِكَ كَتَبْنَا عَلَىٰ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ أَنَّهُۥ مَن قَتَلَ نَفْسًۢا بِغَيْرِ نَفْسٍ أَوْ فَسَادٍ فِى ٱلْأَرْضِ فَكَأَنَّمَا قَتَلَ ٱلنَّاسَ جَمِيعًا وَمَنْ أَحْيَاهَا فَكَأَنَّمَآ أَحْيَا ٱلنَّاسَ جَمِيعًا وَلَقَدْ جَآءَتْهُمْ رُسُلُنَا بِٱلْبَيِّنَٰتِ ثُمَّ إِنَّ كَثِيرًا مِّنْهُم بَعْدَ ذَٰلِكَ فِى ٱلْأَرْضِ لَمُسْرِفُونَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
الْإِسْرَافُ فِي الْقَتْلِ
ओवेर्स्तेप् में तकिन्ग् जीवन
जान लेने में अनुमत सीमा को पार करना।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: سرف
लेम्मा: مسرف · أسرف
रूप: مُسْرِفُونَ · يُسْرِف
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
وَلَا تَقْتُلُوا۟ ٱلنَّفْسَ ٱلَّتِى حَرَّمَ ٱللَّهُ إِلَّا بِٱلْحَقِّ وَمَن قُتِلَ مَظْلُومًا فَقَدْ جَعَلْنَا لِوَلِيِّهِۦ سُلْطَٰنًا فَلَا يُسْرِف فِّى ٱلْقَتْلِ إِنَّهُۥ كَانَ مَنصُورًا
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी 23 घटनाओं में कुरान-आंतरिक तुलना सीमा-पार की अधिकता का समर्थन करती है। सबसे स्पष्ट अंशांकन 25:67 है, जहां खर्च न तो سرف है और न ही संकुचन है बल्कि उनके बीच एक स्थिर स्थिति है। समानांतर आदेश उत्पादन, खाने, पीने और प्रतिशोधात्मक हत्या में سرف को प्रतिबंधित करते हैं, जबकि व्यापक संदर्भ यौन अपराध, दमनकारी आदेश, इनकार और स्वयं के खिलाफ गलत काम के लिए समान मूल लागू करते हैं। कोई संकुचित उम्मीदवार, संरक्षित अर्थ, या पढ़ने का विचलन विश्लेषण को प्रभावित नहीं करता है।