أَوْ كَصَيِّبٍ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فِيهِ ظُلُمَٰتٌ وَرَعْدٌ وَبَرْقٌ يَجْعَلُونَ أَصَٰبِعَهُمْ فِىٓ ءَاذَانِهِم مِّنَ ٱلصَّوَٰعِقِ حَذَرَ ٱلْمَوْتِ وَٱللَّهُ مُحِيطٌۢ بِٱلْكَٰفِرِينَ
क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत
صَعِقَ / صَعِق / صَاعِقَة
अभिभूत कर देने वाला आघात
एक हिंसक, विशिष्ट रूप से गर्जन जैसा झटका या आघात सक्रिय क्षमता को अभिभूत कर देता है; परिणाम भय, ढहना, मृत्यु या बाद की पुनर्प्राप्ति है—यह संदर्भ तय करता है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 11
शब्द-मूल: صعق
लेम्मा: صاعقة · صعق
रूप: صَّٰعِقَةُ · صَّوَٰعِقِ · صَعِقًا · صَّوَٰعِقَ · صَعِقَ · صَٰعِقَةً · صَٰعِقَةِ · صَٰعِقَةُ · يُصْعَقُ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 11
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 11। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 1 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
وَإِذْ قُلْتُمْ يَٰمُوسَىٰ لَن نُّؤْمِنَ لَكَ حَتَّىٰ نَرَى ٱللَّهَ جَهْرَةً فَأَخَذَتْكُمُ ٱلصَّٰعِقَةُ وَأَنتُمْ تَنظُرُونَ
يَسْـَٔلُكَ أَهْلُ ٱلْكِتَٰبِ أَن تُنَزِّلَ عَلَيْهِمْ كِتَٰبًا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فَقَدْ سَأَلُوا۟ مُوسَىٰٓ أَكْبَرَ مِن ذَٰلِكَ فَقَالُوٓا۟ أَرِنَا ٱللَّهَ جَهْرَةً فَأَخَذَتْهُمُ ٱلصَّٰعِقَةُ بِظُلْمِهِمْ ثُمَّ ٱتَّخَذُوا۟ ٱلْعِجْلَ مِنۢ بَعْدِ مَا جَآءَتْهُمُ ٱلْبَيِّنَٰتُ فَعَفَوْنَا عَن ذَٰلِكَ وَءَاتَيْنَا مُوسَىٰ سُلْطَٰنًا مُّبِينًا
وَلَمَّا جَآءَ مُوسَىٰ لِمِيقَٰتِنَا وَكَلَّمَهُۥ رَبُّهُۥ قَالَ رَبِّ أَرِنِىٓ أَنظُرْ إِلَيْكَ قَالَ لَن تَرَىٰنِى وَلَٰكِنِ ٱنظُرْ إِلَى ٱلْجَبَلِ فَإِنِ ٱسْتَقَرَّ مَكَانَهُۥ فَسَوْفَ تَرَىٰنِى فَلَمَّا تَجَلَّىٰ رَبُّهُۥ لِلْجَبَلِ جَعَلَهُۥ دَكًّا وَخَرَّ مُوسَىٰ صَعِقًا فَلَمَّآ أَفَاقَ قَالَ سُبْحَٰنَكَ تُبْتُ إِلَيْكَ وَأَنَا۠ أَوَّلُ ٱلْمُؤْمِنِينَ
وَيُسَبِّحُ ٱلرَّعْدُ بِحَمْدِهِۦ وَٱلْمَلَٰٓئِكَةُ مِنْ خِيفَتِهِۦ وَيُرْسِلُ ٱلصَّوَٰعِقَ فَيُصِيبُ بِهَا مَن يَشَآءُ وَهُمْ يُجَٰدِلُونَ فِى ٱللَّهِ وَهُوَ شَدِيدُ ٱلْمِحَالِ
وَنُفِخَ فِى ٱلصُّورِ فَصَعِقَ مَن فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَن فِى ٱلْأَرْضِ إِلَّا مَن شَآءَ ٱللَّهُ ثُمَّ نُفِخَ فِيهِ أُخْرَىٰ فَإِذَا هُمْ قِيَامٌ يَنظُرُونَ
فَإِنْ أَعْرَضُوا۟ فَقُلْ أَنذَرْتُكُمْ صَٰعِقَةً مِّثْلَ صَٰعِقَةِ عَادٍ وَثَمُودَ
فَإِنْ أَعْرَضُوا۟ فَقُلْ أَنذَرْتُكُمْ صَٰعِقَةً مِّثْلَ صَٰعِقَةِ عَادٍ وَثَمُودَ
وَأَمَّا ثَمُودُ فَهَدَيْنَٰهُمْ فَٱسْتَحَبُّوا۟ ٱلْعَمَىٰ عَلَى ٱلْهُدَىٰ فَأَخَذَتْهُمْ صَٰعِقَةُ ٱلْعَذَابِ ٱلْهُونِ بِمَا كَانُوا۟ يَكْسِبُونَ
فَعَتَوْا۟ عَنْ أَمْرِ رَبِّهِمْ فَأَخَذَتْهُمُ ٱلصَّٰعِقَةُ وَهُمْ يَنظُرُونَ
शोध नोट
यह शब्द-प्रयोग क्यों
एक हिंसक, विशिष्ट रूप से गर्जन जैसा झटका या आघात सक्रिय क्षमता को अभिभूत कर देता है; परिणाम भय, ढहना, मृत्यु या बाद की पुनर्प्राप्ति है—यह संदर्भ तय करता है।
صعق की सभी 11 occurrences एक स्वीकृत शब्दार्थ-केंद्र के अंतर्गत आती हैं, जिनमें 2:19 का बहुवचन संज्ञा और 2:55 का एकवचन संज्ञा भी शामिल है। केंद्र केवल मृत्यु, गर्जन या बिजली नहीं है; यह एक हिंसक, विशिष्ट रूप से गर्जन जैसा झटका या आघात है जो सक्रिय क्षमता को अभिभूत करता है। स्थानीय संदर्भ भय, ढहना, मृत्यु, दंड या बाद की पुनर्प्राप्ति प्रदान करता है।
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं: 2:19 में गर्जन को अलग से नामित किया गया है, इसलिए वहाँ صَوَاعِق का अर्थ केवल गर्जन नहीं हो सकता। कुछ संदर्भों में मृत्यु भयभीत या संभावित परिणाम है, लेकिन 7:143 में मूसा के अभिभूत होकर गिरने के बाद संभलने का वर्णन है, इसलिए अपरिवर्तनीय मृत्यु स्थायी अर्थ नहीं हो सकती। 39:68 में बिजली से आहत होना विफल है, जहाँ तत्काल कारण तुरही की फूँक है, वायुमंडलीय बिजली नहीं।
सहायक शास्त्रीय संदर्भ: उपयोगकर्ता द्वारा दी गई Torah/Sinai चर्चा प्रत्यक्ष भेंट के चारों ओर भयावह बादल, आग, ध्वनि और खतरे की स्थिति का समर्थन करती है; लेकिन अरबी निर्णय कुरआन-आंतरिक रहता है। यह सहायक संदर्भ है, परिभाषा का अधिकार नहीं।