ثَمَٰنِيَةَ أَزْوَٰجٍ مِّنَ ٱلضَّأْنِ ٱثْنَيْنِ وَمِنَ ٱلْمَعْزِ ٱثْنَيْنِ قُلْ ءَآلذَّكَرَيْنِ حَرَّمَ أَمِ ٱلْأُنثَيَيْنِ أَمَّا ٱشْتَمَلَتْ عَلَيْهِ أَرْحَامُ ٱلْأُنثَيَيْنِ نَبِّـُٔونِى بِعِلْمٍ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
الأصناف المتقابلة
जूड़ा शपथ
एक किन्द, क्लास्स, या मेम्बेर इदेन्तिफिएद के माध्यम से कोर्रेस्पोन्देन्के भीतर एक मात्चेद स्थापित.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 22
शब्द-मूल: زوج
लेम्मा: زوج
रूप: أَزْوَٰجًا · زَوْجَيْنِ · أَزْوَٰجَ · أَزْوَٰجٍ · زَوْجٍۭ · زَوْجٍ · زَّوْجَيْنِ · أَزْوَٰجٌ · زَوْجَانِ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 22
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 22। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 12 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءَ أَمْرُنَا وَفَارَ ٱلتَّنُّورُ قُلْنَا ٱحْمِلْ فِيهَا مِن كُلٍّ زَوْجَيْنِ ٱثْنَيْنِ وَأَهْلَكَ إِلَّا مَن سَبَقَ عَلَيْهِ ٱلْقَوْلُ وَمَنْ ءَامَنَ وَمَآ ءَامَنَ مَعَهُۥٓ إِلَّا قَلِيلٌ
وَهُوَ ٱلَّذِى مَدَّ ٱلْأَرْضَ وَجَعَلَ فِيهَا رَوَٰسِىَ وَأَنْهَٰرًا وَمِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ جَعَلَ فِيهَا زَوْجَيْنِ ٱثْنَيْنِ يُغْشِى ٱلَّيْلَ ٱلنَّهَارَ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَٰتٍ لِّقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ
لَا تَمُدَّنَّ عَيْنَيْكَ إِلَىٰ مَا مَتَّعْنَا بِهِۦٓ أَزْوَٰجًا مِّنْهُمْ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَٱخْفِضْ جَنَاحَكَ لِلْمُؤْمِنِينَ
ٱلَّذِى جَعَلَ لَكُمُ ٱلْأَرْضَ مَهْدًا وَسَلَكَ لَكُمْ فِيهَا سُبُلًا وَأَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً فَأَخْرَجْنَا بِهِۦٓ أَزْوَٰجًا مِّن نَّبَاتٍ شَتَّىٰ
وَلَا تَمُدَّنَّ عَيْنَيْكَ إِلَىٰ مَا مَتَّعْنَا بِهِۦٓ أَزْوَٰجًا مِّنْهُمْ زَهْرَةَ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا لِنَفْتِنَهُمْ فِيهِ وَرِزْقُ رَبِّكَ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰ
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِن كُنتُمْ فِى رَيْبٍ مِّنَ ٱلْبَعْثِ فَإِنَّا خَلَقْنَٰكُم مِّن تُرَابٍ ثُمَّ مِن نُّطْفَةٍ ثُمَّ مِنْ عَلَقَةٍ ثُمَّ مِن مُّضْغَةٍ مُّخَلَّقَةٍ وَغَيْرِ مُخَلَّقَةٍ لِّنُبَيِّنَ لَكُمْ وَنُقِرُّ فِى ٱلْأَرْحَامِ مَا نَشَآءُ إِلَىٰٓ أَجَلٍ مُّسَمًّى ثُمَّ نُخْرِجُكُمْ طِفْلًا ثُمَّ لِتَبْلُغُوٓا۟ أَشُدَّكُمْ وَمِنكُم مَّن يُتَوَفَّىٰ وَمِنكُم مَّن يُرَدُّ إِلَىٰٓ أَرْذَلِ ٱلْعُمُرِ لِكَيْلَا يَعْلَمَ مِنۢ بَعْدِ عِلْمٍ شَيْـًٔا وَتَرَى ٱلْأَرْضَ هَامِدَةً فَإِذَآ أَنزَلْنَا عَلَيْهَا ٱلْمَآءَ ٱهْتَزَّتْ وَرَبَتْ وَأَنۢبَتَتْ مِن كُلِّ زَوْجٍۭ بَهِيجٍ
فَأَوْحَيْنَآ إِلَيْهِ أَنِ ٱصْنَعِ ٱلْفُلْكَ بِأَعْيُنِنَا وَوَحْيِنَا فَإِذَا جَآءَ أَمْرُنَا وَفَارَ ٱلتَّنُّورُ فَٱسْلُكْ فِيهَا مِن كُلٍّ زَوْجَيْنِ ٱثْنَيْنِ وَأَهْلَكَ إِلَّا مَن سَبَقَ عَلَيْهِ ٱلْقَوْلُ مِنْهُمْ وَلَا تُخَٰطِبْنِى فِى ٱلَّذِينَ ظَلَمُوٓا۟ إِنَّهُم مُّغْرَقُونَ
أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَى ٱلْأَرْضِ كَمْ أَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍ كَرِيمٍ
خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ بِغَيْرِ عَمَدٍ تَرَوْنَهَا وَأَلْقَىٰ فِى ٱلْأَرْضِ رَوَٰسِىَ أَن تَمِيدَ بِكُمْ وَبَثَّ فِيهَا مِن كُلِّ دَآبَّةٍ وَأَنزَلْنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً فَأَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍ كَرِيمٍ
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
जीवनसाथी, पति या पत्नी
20:53
ٱلَّذِى جَعَلَ لَكُمُ ٱلْأَرْضَ مَهْدًا وَسَلَكَ لَكُمْ فِيهَا سُبُلًا وَأَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً فَأَخْرَجْنَا بِهِۦٓ أَزْوَٰجًا مِّن نَّبَاتٍ شَتَّىٰ
वैकल्पिक: हमने उससे विविध पौधों के जीवनसाथी निकाले।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: हमने उससे विविध पौधों के युग्मित प्रकार निकाले।
M020A053W016S01 पर أَزْوَاجًا पानी द्वारा विविध वनस्पति से निकाली जाने वाली वस्तुओं को वर्गीकृत करता है। जीवनसाथी, पति और पत्नी पौधों के प्रकारों पर वैवाहिक संबंध आरोपित करते हैं; ‘युग्मित प्रकार’ उत्पन्न विविधता के भीतर परस्पर संबद्धता को बनाए रखता है।
जीवनसाथी, पति या पत्नी
50:7
وَٱلْأَرْضَ مَدَدْنَٰهَا وَأَلْقَيْنَا فِيهَا رَوَٰسِىَ وَأَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍۭ بَهِيجٍ
वैकल्पिक: हमने उसमें हर मनोहर जीवनसाथी को उगाया।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: हमने उसमें हर मनोहर युग्मित प्रकार को उगाया।
M050A007W010S01 पर زَوْجٍ उस कर्म-वर्ग को बताता है जिसे أَنۢبَتْنَا ने उत्पन्न किया, अर्थात जिसे उगाया गया। पति, पत्नी या जीवनसाथी ऐसा वानस्पतिक प्रकार नहीं है जिसे धरती से उगाया जाता है; ‘युग्मित प्रकार’ व्यक्त किए गए वृद्धि-ढाँचे के अनुरूप है।
जीवनसाथी, पति या पत्नी
56:7
وَكُنتُمْ أَزْوَٰجًا ثَلَٰثَةً
वैकल्पिक: और तुम तीन जीवनसाथी थे।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: और तुम तीन युग्मित वर्ग थे।
M056A007W002S01 पर أَزْوَاجًا संबोधित लोगों को तीन वर्गों में बाँटता है, जिनकी अगली आयतें गणना करती हैं। जीवनसाथी, पति और पत्नी तीन सामूहिक वर्गों को नाम नहीं दे सकते; युग्मित-प्रकार का केंद्रीय अर्थ यहाँ युग्मित वर्गों के रूप में संयोजित होता है।
यह अर्थ क्यों चुना गया
इसने अपने एकल 100-आइटम पृष्ठ पर पूरे 81-अवसर परिवार की समीक्षा की, जिसमें सभी 68 जमे हुए लक्ष्य शामिल हैं। 13 घटनाएं दो संरक्षित प्रतिद्वंद्वी रिकॉर्ड से संबंधित हैं और उन्हें छुआ नहीं गया है। लक्ष्य पंक्तियों पर कोई संपीड़ित प्रस्ताव, असफल उम्मीदवार या संरेखित गवाह संस्करण नहीं हैं। एक कोर टेस्ट में वैवाहिक समकक्ष, जोड़े हुए प्राणी और उत्पाद, संबंधित वर्ग और फॉर्म II में शामिल होने को बरकरार रखा गया है। प्रत्येक लक्ष्य एक समकक्ष संबंध की पहचान करता है या इस तरह के संबंध के बारे में लाता है, इसलिए कुरान-अंतरिक संदर्भ सटीक शब्दावली टकराव प्रदान नहीं करता है।