يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ ٱعْبُدُوا۟ رَبَّكُمُ ٱلَّذِى خَلَقَكُمْ وَٱلَّذِينَ مِن قَبْلِكُمْ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ
क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत
لَعَلَّ
अनुमानित परिणाम
ध्यान में रखे गए परिणाम का परिचय देता है, चाहे वह इरादा हो, आशा की गई हो, आशंका हो, अपेक्षित हो, या केवल संभव हो।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 129
लेम्मा: لعل
रूप: لَعَلَّ · لَّعَلَّ · لَّعَلِّ · لَعَلِّ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 129
क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 129। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 119 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।
ثُمَّ عَفَوْنَا عَنكُم مِّنۢ بَعْدِ ذَٰلِكَ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
وَإِذْ ءَاتَيْنَا مُوسَى ٱلْكِتَٰبَ وَٱلْفُرْقَانَ لَعَلَّكُمْ تَهْتَدُونَ
ثُمَّ بَعَثْنَٰكُم مِّنۢ بَعْدِ مَوْتِكُمْ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
وَإِذْ أَخَذْنَا مِيثَٰقَكُمْ وَرَفَعْنَا فَوْقَكُمُ ٱلطُّورَ خُذُوا۟ مَآ ءَاتَيْنَٰكُم بِقُوَّةٍ وَٱذْكُرُوا۟ مَا فِيهِ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ
فَقُلْنَا ٱضْرِبُوهُ بِبَعْضِهَا كَذَٰلِكَ يُحْىِ ٱللَّهُ ٱلْمَوْتَىٰ وَيُرِيكُمْ ءَايَٰتِهِۦ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ
وَمِنْ حَيْثُ خَرَجْتَ فَوَلِّ وَجْهَكَ شَطْرَ ٱلْمَسْجِدِ ٱلْحَرَامِ وَحَيْثُ مَا كُنتُمْ فَوَلُّوا۟ وُجُوهَكُمْ شَطْرَهُۥ لِئَلَّا يَكُونَ لِلنَّاسِ عَلَيْكُمْ حُجَّةٌ إِلَّا ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ مِنْهُمْ فَلَا تَخْشَوْهُمْ وَٱخْشَوْنِى وَلِأُتِمَّ نِعْمَتِى عَلَيْكُمْ وَلَعَلَّكُمْ تَهْتَدُونَ
وَلَكُمْ فِى ٱلْقِصَاصِ حَيَوٰةٌ يَٰٓأُو۟لِى ٱلْأَلْبَٰبِ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ كُتِبَ عَلَيْكُمُ ٱلصِّيَامُ كَمَا كُتِبَ عَلَى ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِكُمْ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ
شَهْرُ رَمَضَانَ ٱلَّذِىٓ أُنزِلَ فِيهِ ٱلْقُرْءَانُ هُدًى لِّلنَّاسِ وَبَيِّنَٰتٍ مِّنَ ٱلْهُدَىٰ وَٱلْفُرْقَانِ فَمَن شَهِدَ مِنكُمُ ٱلشَّهْرَ فَلْيَصُمْهُ وَمَن كَانَ مَرِيضًا أَوْ عَلَىٰ سَفَرٍ فَعِدَّةٌ مِّنْ أَيَّامٍ أُخَرَ يُرِيدُ ٱللَّهُ بِكُمُ ٱلْيُسْرَ وَلَا يُرِيدُ بِكُمُ ٱلْعُسْرَ وَلِتُكْمِلُوا۟ ٱلْعِدَّةَ وَلِتُكَبِّرُوا۟ ٱللَّهَ عَلَىٰ مَا هَدَىٰكُمْ وَلَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
शायद
21:61
قَالُوا۟ فَأْتُوا۟ بِهِۦ عَلَىٰٓ أَعْيُنِ ٱلنَّاسِ لَعَلَّهُمْ يَشْهَدُونَ
वैकल्पिक: उसे लोगों की आंखों के सामने लाओ;शायद वे गवाही दें।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: उसे लोगों की आंखों के सामने लाओ ताकि वे गवाही दें।
उसे सार्वजनिक रूप से लाना गवाहों की गवाही के लिए चुना हुआ साधन है। शायद उस जानबूझकर अनुमानित परिणाम को अलग अनिश्चितता में बदल देता है; निर्माण के लिए कहता है ताकि ... हो सकता है, जबकि शाब्दिक कोर अनुमानित परिणाम बना हुआ है।
निश्चित रूप से
21:111
وَإِنْ أَدْرِى لَعَلَّهُۥ فِتْنَةٌ لَّكُمْ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٍ
वैकल्पिक: I करना नहीं जानना; केर्ताइन्ल्य यह है एक त्रिअल के लिए तुम और एक एन्जोय्मेन्त के लिए एक समय.
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: I करना नहीं जानना; पेर्हाप्स यह है एक त्रिअल के लिए तुम और एक एन्जोय्मेन्त के लिए एक समय.
असपीकर ेक्सपरेससलय कहता है कि वह करता है नहीं जानते हैं. निश्चित रूप से िममेदिअतेलय कोनतरअदिकतस कि कथन, वरीस परोजेकतेद परिणाम परमितस शायद जहाँ ुनकरतैनतय है ोवरत.
आशा है
26:129
وَتَتَّخِذُونَ مَصَانِعَ لَعَلَّكُمْ تَخْلُدُونَ
वैकल्पिक: आप संरचनाएं लें, उम्मीद है कि आप हमेशा जीवित रहेंगे।
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: आप संरचनाएं ऐसे लेते हैं मानो हमेशा जीवित रहने की उम्मीद कर रहे हों।
आसपास का पता लोगों की इमारत को फटकार लगाता है जैसे कि स्थायित्व की उम्मीद की गई हो। उम्मीद है कि उस फटकार को एक अनुकूल इच्छा में बदल देता है, जबकि अनुमानित परिणाम प्रासंगिक प्रतिपादन की अनुमति देता है जैसे कि उम्मीद की जा रही हो।
ताकि
42:17
ٱللَّهُ ٱلَّذِىٓ أَنزَلَ ٱلْكِتَٰبَ بِٱلْحَقِّ وَٱلْمِيزَانَ وَمَا يُدْرِيكَ لَعَلَّ ٱلسَّاعَةَ قَرِيبٌ
वैकल्पिक: तुम्हें क्या पता चले कि वह घड़ी निकट आ गई है?
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: आपको क्या पता चल सकता है?शायद वह घड़ी निकट है।
घंटे की निकटता 'आपको क्या बता सकती है' के बाद प्रस्तुत की जाती है। यह उस प्रश्न या पूर्ववर्ती रहस्योद्घाटन का उद्देश्य नहीं है, इसलिए एक सार्वभौमिक ताकि एक कारण उद्देश्य का आविष्कार हो; यहां अनुमानित परिणाम शायद प्रस्तुत किया गया है।