فَمَن يُرِدِ ٱللَّهُ أَن يَهْدِيَهُۥ يَشْرَحْ صَدْرَهُۥ لِلْإِسْلَٰمِ وَمَن يُرِدْ أَن يُضِلَّهُۥ يَجْعَلْ صَدْرَهُۥ ضَيِّقًا حَرَجًا كَأَنَّمَا يَصَّعَّدُ فِى ٱلسَّمَآءِ كَذَٰلِكَ يَجْعَلُ ٱللَّهُ ٱلرِّجْسَ عَلَى ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
الرِّجْسُ الوَاقِع
पोल्लुतिन्ग् अफ़्फ़्लिक्तिओन्
लगातार अस्वीकार करने वालों पर लगाई गई एक भ्रष्ट दंडात्मक शर्त।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: رجس
लेम्मा: رجس
रूप: رِّجْسَ · رِجْسٌ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
قَالَ قَدْ وَقَعَ عَلَيْكُم مِّن رَّبِّكُمْ رِجْسٌ وَغَضَبٌ أَتُجَٰدِلُونَنِى فِىٓ أَسْمَآءٍ سَمَّيْتُمُوهَآ أَنتُمْ وَءَابَآؤُكُم مَّا نَزَّلَ ٱللَّهُ بِهَا مِن سُلْطَٰنٍ فَٱنتَظِرُوٓا۟ إِنِّى مَعَكُم مِّنَ ٱلْمُنتَظِرِينَ
وَمَا كَانَ لِنَفْسٍ أَن تُؤْمِنَ إِلَّا بِإِذْنِ ٱللَّهِ وَيَجْعَلُ ٱلرِّجْسَ عَلَى ٱلَّذِينَ لَا يَعْقِلُونَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी दस घटनाओं की समीक्षा की गई। निषिद्ध चीजें अशुद्धता का प्रतीक हैं, ईश्वरीय न्याय अस्वीकार करने वालों पर एक प्रदूषणकारी पीड़ा डालता है, और भ्रष्ट लोग या हृदय नैतिक अशुद्धता को सहन करते हैं। परिहार और शुद्धिकरण भाषा तीनों प्रोफाइल को जोड़ती है।