فَقَٰتِلْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ لَا تُكَلَّفُ إِلَّا نَفْسَكَ وَحَرِّضِ ٱلْمُؤْمِنِينَ عَسَى ٱللَّهُ أَن يَكُفَّ بَأْسَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَٱللَّهُ أَشَدُّ بَأْسًا وَأَشَدُّ تَنكِيلًا
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
حرض
दबाना की ओर एक एक्स्त्रेमे
किसी भागीदार को प्रासंगिक रूप से निश्चित पैमाने पर चरम समापन बिंदु की ओर ले जाना या ले जाना।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: حرض
लेम्मा: حرض
रूप: حَرِّضِ · حَرَضًا
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ حَرِّضِ ٱلْمُؤْمِنِينَ عَلَى ٱلْقِتَالِ إِن يَكُن مِّنكُمْ عِشْرُونَ صَٰبِرُونَ يَغْلِبُوا۟ مِا۟ئَتَيْنِ وَإِن يَكُن مِّنكُم مِّا۟ئَةٌ يَغْلِبُوٓا۟ أَلْفًا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِأَنَّهُمْ قَوْمٌ لَّا يَفْقَهُونَ
قَالُوا۟ تَٱللَّهِ تَفْتَؤُا۟ تَذْكُرُ يُوسُفَ حَتَّىٰ تَكُونَ حَرَضًا أَوْ تَكُونَ مِنَ ٱلْهَٰلِكِينَ
जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं
ज़ाइ करना
8:65
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ حَرِّضِ ٱلْمُؤْمِنِينَ عَلَى ٱلْقِتَالِ إِن يَكُن مِّنكُمْ عِشْرُونَ صَٰبِرُونَ يَغْلِبُوا۟ مِا۟ئَتَيْنِ وَإِن يَكُن مِّنكُم مِّا۟ئَةٌ يَغْلِبُوٓا۟ أَلْفًا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِأَنَّهُمْ قَوْمٌ لَّا يَفْقَهُونَ
वैकल्पिक: वस्ते बेलिएवेर्स् की ओर फ़िघ्तिन्ग्
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: उर्गे बेलिएवेर्स् की ओर फ़िघ्तिन्ग्
में 8:65 विश्वासी हैं मनुष्य कर्म का एक दिरेकतिवे जिसका गोअल है फाइतिङ, अनुसरण की द्वारा रअतिोस का सतीदफअसत कोमबअत; शाखा कॉसेस हल बल्कि से देपलेशन.
ज़ूर देना
12:85
قَالُوا۟ تَٱللَّهِ تَفْتَؤُا۟ تَذْكُرُ يُوسُفَ حَتَّىٰ تَكُونَ حَرَضًا أَوْ تَكُونَ مِنَ ٱلْهَٰلِكِينَ
वैकल्पिक: जब तक तुम बनना उर्गेद्
शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: जब तक तुम बनना वस्तेद् दूर
में 12:85 जीकब है बीरर का एक समाप्त स्थिति और मृत्यु है कूरदिनअतेद अलतरनअतिवे; कोई नहीं ेक्सहॉरतर या क्रिया-गोअल है प्रस्तुत.