قُلِ ٱدْعُوا۟ ٱللَّهَ أَوِ ٱدْعُوا۟ ٱلرَّحْمَٰنَ أَيًّا مَّا تَدْعُوا۟ فَلَهُ ٱلْأَسْمَآءُ ٱلْحُسْنَىٰ وَلَا تَجْهَرْ بِصَلَاتِكَ وَلَا تُخَافِتْ بِهَا وَٱبْتَغِ بَيْنَ ذَٰلِكَ سَبِيلًا
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
خفت
मौन वाणी
भाषण को जानबूझकर खुली सार्वजनिक श्रव्यता से नीचे रखा गया।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: خفت
लेम्मा: يتخافت · تخافت
रूप: يَتَخَٰفَتُ · تُخَافِتْ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
يَتَخَٰفَتُونَ بَيْنَهُمْ إِن لَّبِثْتُمْ إِلَّا عَشْرًا
فَٱنطَلَقُوا۟ وَهُمْ يَتَخَٰفَتُونَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
17:110 में फॉर्म III को सार्वजनिक जोर से आवाज के खिलाफ सेट किया गया है और प्रार्थना में विपरीत चरम के रूप में नकार दिया गया है। फॉर्म VI एक समूह के बीच शांत भाषण वितरित करता है, जिससे छिपाने के तहत पारस्परिक आदान-प्रदान होता है। आवाज का स्तर और पारस्परिक आकृति विज्ञान एक शब्दार्थ विभाजन के बिना प्रासंगिक प्रतिपादन के लिए जिम्मेदार है।