ٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ شُعَيْبًا كَأَن لَّمْ يَغْنَوْا۟ فِيهَا ٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ شُعَيْبًا كَانُوا۟ هُمُ ٱلْخَٰسِرِينَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
غني उपस्थिति-सूचक अभिव्यक्तियाँ
उपस्थित रहीं
को कोन्तिनुए के रूप में एक ओब्सेर्वाब्ले प्रेसेन्के अत एक स्थान जब तक रेमोवाल एरासेस उसका त्राके.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 4
शब्द-मूल: غني
लेम्मा: أغنى
रूप: يَغْنَ · تَغْنَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 4; कुल संख्या: 4
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 4।
إِنَّمَا مَثَلُ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا كَمَآءٍ أَنزَلْنَٰهُ مِنَ ٱلسَّمَآءِ فَٱخْتَلَطَ بِهِۦ نَبَاتُ ٱلْأَرْضِ مِمَّا يَأْكُلُ ٱلنَّاسُ وَٱلْأَنْعَٰمُ حَتَّىٰٓ إِذَآ أَخَذَتِ ٱلْأَرْضُ زُخْرُفَهَا وَٱزَّيَّنَتْ وَظَنَّ أَهْلُهَآ أَنَّهُمْ قَٰدِرُونَ عَلَيْهَآ أَتَىٰهَآ أَمْرُنَا لَيْلًا أَوْ نَهَارًا فَجَعَلْنَٰهَا حَصِيدًا كَأَن لَّمْ تَغْنَ بِٱلْأَمْسِ كَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلْـَٔايَٰتِ لِقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ
كَأَن لَّمْ يَغْنَوْا۟ فِيهَآ أَلَآ إِنَّ ثَمُودَا۟ كَفَرُوا۟ رَبَّهُمْ أَلَا بُعْدًا لِّثَمُودَ
كَأَن لَّمْ يَغْنَوْا۟ فِيهَآ أَلَا بُعْدًا لِّمَدْيَنَ كَمَا بَعِدَتْ ثَمُودُ
यह अर्थ क्यों चुना गया
क़ुरआन-आंतरिक समीक्षा में सभी 73 प्रयोग शामिल थे। दरिद्रता के विरोध, विफल विकल्प, दैवी अनुग्रह से समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्याप्त होने वाले सहभागी पर्याप्तता-संबंध को सुरक्षित रखते हैं। चार विनाश-उपमाएँ इसके बजाय किसी स्थान में पूर्व उपस्थिति से संबंधित हैं; कोई प्रयोग आंतरिक सेतु नहीं देता, इसलिए वे खंड अस्थायी शाब्दिक टक्कर के रूप में पृथक हैं।