क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

يَمِين وأَيْمَن

रिघ्त्वर्द् प्लकेमेन्त्

एक स्थानिक, शारीरिक, या कर्तािवे प्लाकेमेन्त इन्देक्सेद द्वारा वह रिघ्त्वार्द पोले.

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 22

शब्द-मूल: يمن

लेम्मा: يمين · أيمن

रूप: يَمِينِ · أَيْمَٰنِ · أَيْمَنِ · أَيْمَنَ · يَمِينٍ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 22

क़ुरआन-क्रम में दायरा-बद्ध प्रयोगों का स्थान-आधारित संक्षिप्त पूर्वावलोकन—क्रम के आरंभ से प्रदर्शित संख्या: 10; कुल संख्या: 22। छोड़े गए प्रयोगों की संख्या 12 है; प्रदर्शित प्रयोगों को उनसे अधिक प्रबल साक्ष्य नहीं माना गया है।

7:17

ثُمَّ لَـَٔاتِيَنَّهُم مِّنۢ بَيْنِ أَيْدِيهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ وَعَنْ أَيْمَٰنِهِمْ وَعَن شَمَآئِلِهِمْ وَلَا تَجِدُ أَكْثَرَهُمْ شَٰكِرِينَ

16:48

أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَىٰ مَا خَلَقَ ٱللَّهُ مِن شَىْءٍ يَتَفَيَّؤُا۟ ظِلَٰلُهُۥ عَنِ ٱلْيَمِينِ وَٱلشَّمَآئِلِ سُجَّدًا لِّلَّهِ وَهُمْ دَٰخِرُونَ

17:71

يَوْمَ نَدْعُوا۟ كُلَّ أُنَاسٍۭ بِإِمَٰمِهِمْ فَمَنْ أُوتِىَ كِتَٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ فَأُو۟لَٰٓئِكَ يَقْرَءُونَ كِتَٰبَهُمْ وَلَا يُظْلَمُونَ فَتِيلًا

18:17

وَتَرَى ٱلشَّمْسَ إِذَا طَلَعَت تَّزَٰوَرُ عَن كَهْفِهِمْ ذَاتَ ٱلْيَمِينِ وَإِذَا غَرَبَت تَّقْرِضُهُمْ ذَاتَ ٱلشِّمَالِ وَهُمْ فِى فَجْوَةٍ مِّنْهُ ذَٰلِكَ مِنْ ءَايَٰتِ ٱللَّهِ مَن يَهْدِ ٱللَّهُ فَهُوَ ٱلْمُهْتَدِ وَمَن يُضْلِلْ فَلَن تَجِدَ لَهُۥ وَلِيًّا مُّرْشِدًا

18:18

وَتَحْسَبُهُمْ أَيْقَاظًا وَهُمْ رُقُودٌ وَنُقَلِّبُهُمْ ذَاتَ ٱلْيَمِينِ وَذَاتَ ٱلشِّمَالِ وَكَلْبُهُم بَٰسِطٌ ذِرَاعَيْهِ بِٱلْوَصِيدِ لَوِ ٱطَّلَعْتَ عَلَيْهِمْ لَوَلَّيْتَ مِنْهُمْ فِرَارًا وَلَمُلِئْتَ مِنْهُمْ رُعْبًا

19:52

وَنَٰدَيْنَٰهُ مِن جَانِبِ ٱلطُّورِ ٱلْأَيْمَنِ وَقَرَّبْنَٰهُ نَجِيًّا

20:17

وَمَا تِلْكَ بِيَمِينِكَ يَٰمُوسَىٰ

20:69

وَأَلْقِ مَا فِى يَمِينِكَ تَلْقَفْ مَا صَنَعُوٓا۟ إِنَّمَا صَنَعُوا۟ كَيْدُ سَٰحِرٍ وَلَا يُفْلِحُ ٱلسَّاحِرُ حَيْثُ أَتَىٰ

20:80

يَٰبَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ قَدْ أَنجَيْنَٰكُم مِّنْ عَدُوِّكُمْ وَوَٰعَدْنَٰكُمْ جَانِبَ ٱلطُّورِ ٱلْأَيْمَنَ وَنَزَّلْنَا عَلَيْكُمُ ٱلْمَنَّ وَٱلسَّلْوَىٰ

28:30

فَلَمَّآ أَتَىٰهَا نُودِىَ مِن شَٰطِئِ ٱلْوَادِ ٱلْأَيْمَنِ فِى ٱلْبُقْعَةِ ٱلْمُبَٰرَكَةِ مِنَ ٱلشَّجَرَةِ أَن يَٰمُوسَىٰٓ إِنِّىٓ أَنَا ٱللَّهُ رَبُّ ٱلْعَٰلَمِينَ

यह अर्थ क्यों चुना गया

सभी 71 घटनाओं की तुलना क़ुरआन-आंतरिक रूप से की गई थी। बाएं से प्रत्यक्ष स्थानिक विपरीत दाएं ध्रुव को स्थापित करते हैं; हाथ, स्वामित्व, प्रकाश, पुस्तक-रिसीव, और एस्काटोलॉजिकल-कंपनी संरचनाएं स्थानीय रूप से बताए गए संबंधों के माध्यम से उस ध्रुव को विस्तारित करती हैं। इसके बजाय, 25 घटनाएं निष्क्रिय, अनुबंधित, टूटी हुई, प्रायश्चित, या ढाल के रूप में उपयोग की जाने जैसी पूर्वानुमान लेते हैं और इसलिए एक सटीक शपथ-प्रतिबद्धता टक्कर का गठन करती हैं। विश्लेषण में टक्कर और दाईं ओर के कोर के बीच एक ऐतिहासिक पुल का आयात नहीं किया गया है, और यह कुरान के वाक्यांशों के परे 39:67 पर छवियों का विस्तार नहीं करता है। कोई संरेखित पढ़ने की विसंगति नहीं है।