क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

ٱلسَّامِرِيّ، سَامِرِيّ

समिरि व्यक्तिगत संदर्भित तत्व

एक व्यक्तिवाचक-नाम अभिव्यक्ति देसिगनअतेस एक पुरुष िनदिविदुअल जो मिसलेद मूसा' लोग में बछड़ा ेपिसोदे और था सीधे क्वेसशनेद द्वारा मूसा.

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: अर्थगत इकाई · प्रयोग: 3

शब्द-मूल: سمر

लेम्मा: سامري

रूप: سَّامِرِىُّ · سَٰمِرِىُّ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3

क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।

20:85

قَالَ فَإِنَّا قَدْ فَتَنَّا قَوْمَكَ مِنۢ بَعْدِكَ وَأَضَلَّهُمُ ٱلسَّامِرِىُّ

20:87

قَالُوا۟ مَآ أَخْلَفْنَا مَوْعِدَكَ بِمَلْكِنَا وَلَٰكِنَّا حُمِّلْنَآ أَوْزَارًا مِّن زِينَةِ ٱلْقَوْمِ فَقَذَفْنَٰهَا فَكَذَٰلِكَ أَلْقَى ٱلسَّامِرِىُّ

20:95

قَالَ فَمَا خَطْبُكَ يَٰسَٰمِرِىُّ

जहाँ दूसरे अर्थ विफल होते हैं

बात करने वाला

20:85

قَالَ فَإِنَّا قَدْ فَتَنَّا قَوْمَكَ مِنۢ بَعْدِكَ وَأَضَلَّهُمُ ٱلسَّامِرِىُّ

वैकल्पिक: एक उन्स्पेकिफ़िएद् तल्केर् लेद् तुम्हारा लोग अस्त्रय्

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: समिरि लेद् तुम्हारा लोग अस्त्रय्

देफिनितेनेसस और नाररअतिवे को-रेफरेनके पहचानना एक ेसतअबलिशेद व्यक्ति बल्कि से एक देसकरिपतिवे मेमबर का एक बोलना कलअसस.

कोन्वेर्सतिओनल् अस्सेम्ब्ल्य्

20:95

قَالَ فَمَا خَطْبُكَ يَٰسَٰمِرِىُّ

वैकल्पिक: मूसा ने कहा, ऐ संवादी सभा, तुम्हें क्या चक्कर है

शोधपरक अर्थ-प्रस्तुति: मूसा कहा, क्या है तुम्हारा अफ़्फ़इर्, समिरि

शब्दार्थ एक ऐसे पुरुष को संबोधित करता है जिसके पहले कार्यों की जांच की जा रही है, न कि किसी समूह की घटना।