وَٱضْرِبْ لَهُم مَّثَلَ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا كَمَآءٍ أَنزَلْنَٰهُ مِنَ ٱلسَّمَآءِ فَٱخْتَلَطَ بِهِۦ نَبَاتُ ٱلْأَرْضِ فَأَصْبَحَ هَشِيمًا تَذْرُوهُ ٱلرِّيَٰحُ وَكَانَ ٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ مُّقْتَدِرًا
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
تَذْرُوهُ ٱلرِّيَٰحُ
बीरून मलक बक्हरना
ढीली सामग्री को बाहर की ओर फैलाने के लिए ले जाना।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 1
शब्द-मूल: ذرو
लेम्मा: تذرو
रूप: تَذْرُو
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 1; कुल संख्या: 1
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 1।
यह अर्थ क्यों चुना गया
क़ुरआन-आंतरिक समीक्षा में तीनों घटनाएँ शामिल थीं। 18:45 में हवाएँ सूखे पौधों के टुकड़ों को बिखराव में ले जाती हैं; 51:1 में सक्रिय कृदंत और उसका सजातीय कर्मकारक उन कर्ताओं का नाम शाब्दिक खंड में लिए बिना, तीव्रता के साथ उसी बिखेरने की क्रिया करने वाले कर्ताओं को रूपायित करते हैं। अतः सीमित क्रिया, कर्तृ-संज्ञा और क्रिया-संज्ञा एक ही बाह्य-बिखराव मूल को सुरक्षित रखते हैं। संरेखित-पाठ क्षेत्र कोई ऐसा पाठांतर नहीं देता जिसके लिए अलग नियम चाहिए। कोई संरक्षित अर्थ संपादित नहीं किया गया और कोई सटीक शाब्दिक टकराव नहीं मिला।