فَلَمَّا رَءَآ أَيْدِيَهُمْ لَا تَصِلُ إِلَيْهِ نَكِرَهُمْ وَأَوْجَسَ مِنْهُمْ خِيفَةً قَالُوا۟ لَا تَخَفْ إِنَّآ أُرْسِلْنَآ إِلَىٰ قَوْمِ لُوطٍ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
وجس
भय का अहसास
करना सेन्से भय इन्वर्द्ल्य्.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: وجس
लेम्मा: أوجس
रूप: أَوْجَسَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
فَأَوْجَسَ فِى نَفْسِهِۦ خِيفَةً مُّوسَىٰ
فَأَوْجَسَ مِنْهُمْ خِيفَةً قَالُوا۟ لَا تَخَفْ وَبَشَّرُوهُ بِغُلَٰمٍ عَلِيمٍ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी तीन रूप-IV पूर्ण घटनाएं خيفة को अपनी महसूस की गई अवस्था के रूप में लेती हैं। इब्राहीम को दो बार आगंतुकों से डर का एहसास होता है, और मूसा अपने भीतर भय महसूस करता है। स्रोत वाक्यांश और आंतरिक-स्थान वाक्यांश एक आवक धारणा के रचनात्मक विनिर्देश बने हुए हैं।