क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

يُبَتِّكُ

चीरा

जानबूझकर शारीरिक परिवर्तन के रूप में पशुओं के कान काटना।

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 1

शब्द-मूल: بتك

लेम्मा: يبتك

रूप: يُبَتِّكُ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 1; कुल संख्या: 1

क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 1।

4:119

وَلَأُضِلَّنَّهُمْ وَلَأُمَنِّيَنَّهُمْ وَلَـَٔامُرَنَّهُمْ فَلَيُبَتِّكُنَّ ءَاذَانَ ٱلْأَنْعَٰمِ وَلَـَٔامُرَنَّهُمْ فَلَيُغَيِّرُنَّ خَلْقَ ٱللَّهِ وَمَن يَتَّخِذِ ٱلشَّيْطَٰنَ وَلِيًّا مِّن دُونِ ٱللَّهِ فَقَدْ خَسِرَ خُسْرَانًا مُّبِينًا

यह अर्थ क्यों चुना गया

एकल शब्द-परिवार प्रयोग था रेवीवेद पर एक पअगे. रूप-िि क्रिया वर्णित करता है लोग ोबेयिङ सअतअन'स आदेश द्वारा कुततिङ कान का पशुधन के रूप में एक अलतरअशन का सृष्टि.