مَّثَلُ ٱلْجَنَّةِ ٱلَّتِى وُعِدَ ٱلْمُتَّقُونَ فِيهَآ أَنْهَٰرٌ مِّن مَّآءٍ غَيْرِ ءَاسِنٍ وَأَنْهَٰرٌ مِّن لَّبَنٍ لَّمْ يَتَغَيَّرْ طَعْمُهُۥ وَأَنْهَٰرٌ مِّنْ خَمْرٍ لَّذَّةٍ لِّلشَّٰرِبِينَ وَأَنْهَٰرٌ مِّنْ عَسَلٍ مُّصَفًّى وَلَهُمْ فِيهَا مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ وَمَغْفِرَةٌ مِّن رَّبِّهِمْ كَمَنْ هُوَ خَٰلِدٌ فِى ٱلنَّارِ وَسُقُوا۟ مَآءً حَمِيمًا فَقَطَّعَ أَمْعَآءَهُمْ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
أسن
बासी पानी
पानी जो खड़े रहने के कारण अपनी ताज़ा स्थिति खो चुका है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 1
शब्द-मूल: أسن
लेम्मा: آسن
रूप: ءَاسِنٍ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 1; कुल संख्या: 1
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 1।
यह अर्थ क्यों चुना गया
एकमात्र लक्ष्य एक अनिश्चितकालीन सक्रिय कृदंत है जो غَيْرِके बाद स्वर्ग के पानी को संशोधित करता है। अगला नदी विवरण स्पष्ट रूप से दूध में बदले हुए स्वाद से इनकार करता है, यह पुष्ट करता है कि पानी की नकारात्मक संपत्ति ताजगी से खराब हो रही है।