وَإِنِ ٱمْرَأَةٌ خَافَتْ مِنۢ بَعْلِهَا نُشُوزًا أَوْ إِعْرَاضًا فَلَا جُنَاحَ عَلَيْهِمَآ أَن يُصْلِحَا بَيْنَهُمَا صُلْحًا وَٱلصُّلْحُ خَيْرٌ وَأُحْضِرَتِ ٱلْأَنفُسُ ٱلشُّحَّ وَإِن تُحْسِنُوا۟ وَتَتَّقُوا۟ فَإِنَّ ٱللَّهَ كَانَ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرًا
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
شُحّ
बख़ल
संज्ञा किसी के हिस्से, संसाधनों या रियायत को रोकने के लिए आत्म-सुरक्षात्मक आवेग का नाम देती है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 3
शब्द-मूल: شحح
लेम्मा: شح
रूप: شُحَّ · شُّحَّ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 3; कुल संख्या: 3
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 3।
وَٱلَّذِينَ تَبَوَّءُو ٱلدَّارَ وَٱلْإِيمَٰنَ مِن قَبْلِهِمْ يُحِبُّونَ مَنْ هَاجَرَ إِلَيْهِمْ وَلَا يَجِدُونَ فِى صُدُورِهِمْ حَاجَةً مِّمَّآ أُوتُوا۟ وَيُؤْثِرُونَ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمْ وَلَوْ كَانَ بِهِمْ خَصَاصَةٌ وَمَن يُوقَ شُحَّ نَفْسِهِۦ فَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُفْلِحُونَ
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ مَا ٱسْتَطَعْتُمْ وَٱسْمَعُوا۟ وَأَطِيعُوا۟ وَأَنفِقُوا۟ خَيْرًا لِّأَنفُسِكُمْ وَمَن يُوقَ شُحَّ نَفْسِهِۦ فَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُفْلِحُونَ
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी पांच पारिवारिक घटनाओं की एक ही सीमाबद्ध पृष्ठ पर समीक्षा की गई थी; प्रत्येक घटना एक जमे हुए लक्ष्य है, जिसमें कोई संरक्षित रिकॉर्ड या संपीड़ित उम्मीदवार नहीं हैं। तीन संज्ञाएँ स्वयं में कड़वाहट को ढूंढती हैं या आत्माओं को इसके प्रति झुकाव के रूप में वर्णित करती हैं, खासकर जहां मेलजोल, दूसरों की प्राथमिकता या खर्च पर सवाल है। 33:19 में दो बहुवचन विशेषणों में विश्वासियों के प्रति प्रतिरोध और अच्छे के प्रति प्रतिरोध का वर्णन किया गया है। विशेषण के खिलाफ संज्ञा, निश्चितता, मामला, निर्माण संबंध, और على लक्ष्य स्थानीय रूप से गठित करें। व्यक्तिगत स्वामित्व और अंतरव्यक्तिगत प्रतिधारण एक संरक्षित-निरोध कोर को व्यक्त करता है। कोई संरेखित पढ़ने का उपयोग या कोई हल नहीं हुआ मुद्दा नहीं बचा है।