فَتَلَقَّىٰٓ ءَادَمُ مِن رَّبِّهِۦ كَلِمَٰتٍ فَتَابَ عَلَيْهِ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلتَّوَّابُ ٱلرَّحِيمُ
क़ुरआन शब्दावली · स्वीकृत
تَلَقَّى / يَتَلَقَّى
ग्रहण करना
रूप V تَلَقَّى: कर्ता की ओर आने वाली वस्तु को ग्रहण करना; यह धातु के सामना-संबंध की ग्रहणशील अभिव्यक्ति है।
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 4
शब्द-मूल: لقي
लेम्मा: تلقى
रूप: تَلَقَّىٰٓ · تَتَلَقَّىٰ · تَلَقَّ · يَتَلَقَّى
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 4; कुल संख्या: 4
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 4।
لَا يَحْزُنُهُمُ ٱلْفَزَعُ ٱلْأَكْبَرُ وَتَتَلَقَّىٰهُمُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةُ هَٰذَا يَوْمُكُمُ ٱلَّذِى كُنتُمْ تُوعَدُونَ
إِذْ تَلَقَّوْنَهُۥ بِأَلْسِنَتِكُمْ وَتَقُولُونَ بِأَفْوَاهِكُم مَّا لَيْسَ لَكُم بِهِۦ عِلْمٌ وَتَحْسَبُونَهُۥ هَيِّنًا وَهُوَ عِندَ ٱللَّهِ عَظِيمٌ
إِذْ يَتَلَقَّى ٱلْمُتَلَقِّيَانِ عَنِ ٱلْيَمِينِ وَعَنِ ٱلشِّمَالِ قَعِيدٌ
क़ुरआन-अंतर्गत शब्दार्थिक आधार
पूरे शब्द-परिवार में एक ही क्रिया
यह संदर्भ द्वारा अर्थ बदलना नहीं है। لقي एक स्थानिक-संबंधपरक क्रिया—सामना—बनाए रखता है, और रूपविज्ञान तय करता है कि किसी प्रयोग को कैसे नाम दिया जाए।
अपरिवर्तनीय तत्व सामना है: कोई सहभागी या स्थानांतरित विषय किसी प्रतिपक्ष, प्राप्तकर्ता, गंतव्य, सतह, अवस्था, घटना या दिशा के साथ सक्रिय संपर्क या उपस्थिति में प्रवेश करता है। आसपास की आयत सहभागियों और परिस्थितियों की पहचान करती है; वह इस संबंध को किसी नए शाब्दिक अर्थ से नहीं बदलती।
रूपविज्ञान उसी एक क्रिया के विभिन्न पक्षों को उभारता है। रूप I और रूप III सीधे सामना को नाम देते हैं। रूप II प्राप्तकर्ता के समक्ष वह प्रस्तुत करता है जो उसके साथ सामना-संबंध में आता है। रूप IV किसी विषय को गंतव्य के साथ सामना-संबंध में डालता है। रूप V ग्रहणशील पक्ष को ‘ग्रहण करना’ नाम देता है। रूप VIII पारस्परिक सामना को नाम देता है, जबकि कृदंत सामना करने वाले, डालने वाले या ग्रहण करने वाले सहभागियों को नाम देते हैं।
२७:६ और २:३७ का अंतर पद्धति को स्पष्ट करता है। २७:६ में कर्मवाच्य रूप II تُلَقَّى संबोधित व्यक्ति को ऐसे दिखाता है कि उसके समक्ष क़ुरआन प्रस्तुत किया जा रहा है। २:३७ में कर्तृवाच्य रूप V تَلَقَّى आदम को शब्द ग्रहण करते दिखाता है। सतह पर समान अक्षर एक ही अभेदित अंग्रेज़ी अर्थ की अनुमति नहीं देते; दर्ज रूप और वाच्य तय करते हैं कि सामना का कौन-सा पक्ष उभारा गया है।
संज्ञा تِلْقَاء दिशा को नाम देती है—वह दिशा जिसमें सामना स्थित है। इसलिए गति या कोई संबंधबोधक उस दिशा की ओर चलना या उससे उद्गम दिखा सकता है, बिना ‘की ओर’, ‘सामने’ और ‘अनुरूप’ को स्वयं संज्ञा के प्रतिस्पर्धी अर्थ बनाए।
मूल पाठ के स्रोत
- क़ुरआनी अरबी भाषिक कोश का शब्दकोश: لقي मूल-सूची لقي