وَقَالُوا۟ مَا هِىَ إِلَّا حَيَاتُنَا ٱلدُّنْيَا نَمُوتُ وَنَحْيَا وَمَا يُهْلِكُنَآ إِلَّا ٱلدَّهْرُ وَمَا لَهُم بِذَٰلِكَ مِنْ عِلْمٍ إِنْ هُمْ إِلَّا يَظُنُّونَ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
دهر
समय
विस्तारित मार्ग का तिमे पार अगेस्.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 2
शब्द-मूल: دهر
लेम्मा: دهر
रूप: دَّهْرُ · دَّهْرِ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 2; कुल संख्या: 2
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 2।
هَلْ أَتَىٰ عَلَى ٱلْإِنسَٰنِ حِينٌ مِّنَ ٱلدَّهْرِ لَمْ يَكُن شَيْـًٔا مَّذْكُورًا
यह अर्थ क्यों चुना गया
एक घटना असमर्थित दावे की रिपोर्ट करती है कि अकेले समय ही लोगों को नष्ट कर देता है; दूसरा मानव से पहले की अवधि का पता लगाता है, समय के साथ एक उल्लिखित चीज थी। मामला रचनात्मक रहता है।