فَلَعَلَّكَ تَارِكٌۢ بَعْضَ مَا يُوحَىٰٓ إِلَيْكَ وَضَآئِقٌۢ بِهِۦ صَدْرُكَ أَن يَقُولُوا۟ لَوْلَآ أُنزِلَ عَلَيْهِ كَنزٌ أَوْ جَآءَ مَعَهُۥ مَلَكٌ إِنَّمَآ أَنتَ نَذِيرٌ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ وَكِيلٌ
क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप
كَنز
ख़ज़ाना
वह एकवचन परिणाम संज्ञा दर्शाता है एक स्तोरेद रेकाम करना का वालुअब्ले संपत्ति.
शब्दार्थिक दायरा
दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 4
शब्द-मूल: كنز
लेम्मा: كنز
रूप: كَنزٌ · كَنزَ
प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 4; कुल संख्या: 4
क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 4।
وَأَمَّا ٱلْجِدَارُ فَكَانَ لِغُلَٰمَيْنِ يَتِيمَيْنِ فِى ٱلْمَدِينَةِ وَكَانَ تَحْتَهُۥ كَنزٌ لَّهُمَا وَكَانَ أَبُوهُمَا صَٰلِحًا فَأَرَادَ رَبُّكَ أَن يَبْلُغَآ أَشُدَّهُمَا وَيَسْتَخْرِجَا كَنزَهُمَا رَحْمَةً مِّن رَّبِّكَ وَمَا فَعَلْتُهُۥ عَنْ أَمْرِى ذَٰلِكَ تَأْوِيلُ مَا لَمْ تَسْطِع عَّلَيْهِ صَبْرًا
وَأَمَّا ٱلْجِدَارُ فَكَانَ لِغُلَٰمَيْنِ يَتِيمَيْنِ فِى ٱلْمَدِينَةِ وَكَانَ تَحْتَهُۥ كَنزٌ لَّهُمَا وَكَانَ أَبُوهُمَا صَٰلِحًا فَأَرَادَ رَبُّكَ أَن يَبْلُغَآ أَشُدَّهُمَا وَيَسْتَخْرِجَا كَنزَهُمَا رَحْمَةً مِّن رَّبِّكَ وَمَا فَعَلْتُهُۥ عَنْ أَمْرِى ذَٰلِكَ تَأْوِيلُ مَا لَمْ تَسْطِع عَّلَيْهِ صَبْرًا
أَوْ يُلْقَىٰٓ إِلَيْهِ كَنزٌ أَوْ تَكُونُ لَهُۥ جَنَّةٌ يَأْكُلُ مِنْهَا وَقَالَ ٱلظَّٰلِمُونَ إِن تَتَّبِعُونَ إِلَّا رَجُلًا مَّسْحُورًا
यह अर्थ क्यों चुना गया
सभी नौ पारिवारिक घटनाओं की एक सीमाबद्ध पृष्ठ पर समीक्षा की गई; प्रत्येक घटना स्थिर लक्ष्य है, जिसमें कोई संरक्षित अभिलेख या संकुचित प्रत्याशी नहीं है। रूप I की क्रियाएँ काल, पुरुष, वचन और भाव को संयोजित करती हैं तथा धन के संचित होने को प्रस्तुत करती हैं। एकवचन और भंग-बहुवचन संज्ञाएँ परिणामी संचय को खजाना या खजाने कहती हैं; कारक, वचन, स्वामित्व और निश्चितता रूपात्मक रूप से संयोजित होते हैं। निंदित संचय, माँगी गई निशानियाँ, संरक्षित अनाथ-संपत्ति, मिस्र का धन और क़ारून की समृद्धि स्वामी और मूल्यांकन में भिन्न हैं, पर एक ही संचित-मूल्य मूल को बनाए रखते हैं। कोई संरेखित-पठन सामग्री या अनसुलझा प्रश्न शेष नहीं है।