क़ुरआन शब्दावली · प्रारूप

الشقي والشقاء

भ्रष्ट स्थिति

ऐसा व्यक्ति बनें या बनें जिसकी स्थिति अत्यंत प्रतिकूल हो और पनपने से वंचित हो।

शब्दार्थिक दायरा

दायरा: सावधानी से संकलित खंड-समूह · प्रयोग: 8

शब्द-मूल: شقو

लेम्मा: شقي · شق

रूप: شَقِيًّا · تَشْقَىٰٓ · شَقِىٌّ · شَقُ · يَشْقَىٰ

प्रयोग के उदाहरणों की प्रदर्शित संख्या: 8; कुल संख्या: 8

क़ुरआन-क्रम में प्रदर्शित दायरा-बद्ध प्रयोगों की कुल संख्या: 8।

11:105

يَوْمَ يَأْتِ لَا تَكَلَّمُ نَفْسٌ إِلَّا بِإِذْنِهِۦ فَمِنْهُمْ شَقِىٌّ وَسَعِيدٌ

11:106

فَأَمَّا ٱلَّذِينَ شَقُوا۟ فَفِى ٱلنَّارِ لَهُمْ فِيهَا زَفِيرٌ وَشَهِيقٌ

19:4

قَالَ رَبِّ إِنِّى وَهَنَ ٱلْعَظْمُ مِنِّى وَٱشْتَعَلَ ٱلرَّأْسُ شَيْبًا وَلَمْ أَكُنۢ بِدُعَآئِكَ رَبِّ شَقِيًّا

19:32

وَبَرًّۢا بِوَٰلِدَتِى وَلَمْ يَجْعَلْنِى جَبَّارًا شَقِيًّا

19:48

وَأَعْتَزِلُكُمْ وَمَا تَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَأَدْعُوا۟ رَبِّى عَسَىٰٓ أَلَّآ أَكُونَ بِدُعَآءِ رَبِّى شَقِيًّا

20:2

مَآ أَنزَلْنَا عَلَيْكَ ٱلْقُرْءَانَ لِتَشْقَىٰٓ

20:117

فَقُلْنَا يَٰٓـَٔادَمُ إِنَّ هَٰذَا عَدُوٌّ لَّكَ وَلِزَوْجِكَ فَلَا يُخْرِجَنَّكُمَا مِنَ ٱلْجَنَّةِ فَتَشْقَىٰٓ

20:123

قَالَ ٱهْبِطَا مِنْهَا جَمِيعًۢا بَعْضُكُمْ لِبَعْضٍ عَدُوٌّ فَإِمَّا يَأْتِيَنَّكُم مِّنِّى هُدًى فَمَنِ ٱتَّبَعَ هُدَاىَ فَلَا يَضِلُّ وَلَا يَشْقَىٰ

यह अर्थ क्यों चुना गया

ने संपूर्ण 100-आइटम पृष्ठ पर सभी 12 जमे हुए घटनाओं की समीक्षा की। लक्ष्य पंक्तियों पर कोई संरक्षित रिकॉर्ड, संकलित प्रस्ताव, असफल उम्मीदवार या संरेखित गवाह संस्करण नहीं हैं। एक-कोर परीक्षण वर्तमान पीड़ा, असफल उत्कर्ष, युगांतिक दुख, एक व्यक्ति पर हावी होने वाली अमूर्त स्थिति और इसके द्वारा पूरी तरह से चिह्नित उत्कृष्ट व्यक्ति को बरकरार रखता है। तात्कालिक सेटिंग्स सांसारिक कठिनाई से लेकर सजा तक भिन्न होती हैं, लेकिन कोई भी एकल प्रतिकूल-स्थिति मूल का खंडन नहीं करता है।